
Ministrer Rakesh Singh IAS Arvind Shah Controversy: मध्यप्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह पर जबलपुर स्मार्ट सिटी सीईओ और आइएएस ऑफिसर अरविंद शाह को बंगले पर बुलाकर अभद्रता से बात करने और धमकी देने के आरोप लगे हैं। शिकायत आइएएस एसोसिएशन के पास पहुंचने के बाद सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से शिकायत की गई। मुख्यमंत्री ने मंत्री और एसोसिएशन के पदाधिकारियों को बुलाकर आमने-सामने बात कराई। समन्वय से काम करने की सलाह देकर मामला शांत कराया। शाम को सीईओ की अधीनस्थ महिला कर्मचारी का पत्र भी सामने आया, जिसमें सीईओ शाह पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
जानकारी के अनुसार अरविंद शाह ने जबलपुर स्मार्ट सिटी सीईओ का मार्च में पदभार संभालने के बाद ऑफिस में सख्ती बढ़ाई थी। कार्यालय में उपिस्थति की जांच कराई, जिसमें छह कर्मी नदारद पाए गए। इनमें दिलप्रीत कौर भल्ला भी शामिल थीं। उन्होंने सभी से जवाब तलब किया। जिन कर्मचारियों ने जवाब नहीं दिया, उनका वेतन रोक दिया। इसकी शिकायत भल्ला के परिजन ने मंत्री राकेश सिंह से की थी। अरविंद शाह के अनुसार इसी के बाद मंत्री ने उन्हें बंगले पर बुलाकर अभद्रता की और धमकियां भी दीं। पूरे मामले को लेकर शाह ने आइएएस एसोसिएशन से शिकायत की।
आरोप लगाए गए कि मंत्री ने उनके चयन पर सवाल उठाने के साथ ही अभद्र भाषा में बात की। धमकी दी। वे मानसिक रूप से काफी आहत हुए हैं। एसोसिएशन ने सोमवार को शिकायत मुख्यमंत्री से की। इसके बाद सीएम ने मंत्री सिंह को भी वहीं बुलाकर दोनों पक्षों की बात कराई। एसोसिएशन के अध्यक्ष और एसीएस मनु श्रीवास्तव ने बताया कि सीएम ने मंत्री से भी बात की और एसोसिएशन के पदाधिकारियों से भी। दोनों पक्षों के गिले-शिकवे दूर हो गए हैं। अब वे आपसी समन्वय से काम करेंगे। इस संबंध में मंत्री सिंह ने कुछ भी टिप्पणी करने से इनकार किया है।
इधर सोमवार शाम दिलप्रीत कौर भल्ला का एक शपथ-पत्र भी सामने आया, जिसमें उन्होंने सीईओ अरविंद शाह पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
मुख्यमंत्री मोहन यादव को संबोधित पत्र में भल्ला ने आरोप लगाया है कि अधिकारी अरविंद शाह वेतन भुगतान नहीं करने पर अड़े थे। इसी को लेकर जब शिकायत मंत्री राकेश सिंह से की तो शाह भड़क गए। बेहद बुरा व्यवहार किया।
मुझे दो कौड़ी की कहा और भी अपमानजनक बातें कहीं। इस पत्र में ये भी उल्लेख है कि इसी के बाद मंत्री सिंह ने जबलपुर के तमाम वरिष्ठ अफसरों के सामने शाह को समझाइश दी और अधीनस्थ महिला कर्मचारियों से सम्मान से बात करने की सलाह दी।