भोपाल

सफल-सुखमय जीवन के सूत्र: 3 बातों पर रखें फोकस, आपका पूरा दिन अच्छा जायेगा

सुबह उठकर एक घंटे मोबाइल से दूर रहें, सकारात्मक ऊर्जा पैदा होगी - दो या पांच मिनट परमात्मा का ध्यान करें। हर दिन एक सकारात्मक सशक्त संकल्प लें कि मैं आज इसका पालन करूंगा। उसे दिन में बीच-बीच में दोहराते रहें, ताकि याद रहे।

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Sep 21, 2019

भोपाल. सुबह उठते ही सबसे पहले मन में सकारात्मक विचार उत्पन्न करें। दो या पांच मिनट परमात्मा का ध्यान करें। हर दिन एक सकारात्मक सशक्त संकल्प लें कि मैं आज इसका पालन करूंगा। उसे दिन में बीच-बीच में दोहराते रहें, ताकि याद रहे।

सुबह उठने के बाद एक घंटे तक मोबाइल से दूर रहें । ऐसा करने से सकारात्मक ऊर्जा एकत्र की जा सकती है। यह बात अंतरराष्ट्रीय मोटिवेशनल स्पीकर, जीवन प्रबंधन विशेषज्ञ सिस्टर शिवानी दीदी ने शुक्रवार को मिंटो हॉल में कही।

वे ब्रह्माकुमारीज संस्थान के नीलबड़ स्थित सुख-शांति भवन की ओर से खुशियां आपके द्वार विषय पर संबोधित कर रही थीं। कार्यक्रम में संस्थान के भोपाल जोन डायरेक्टर बीके अवधेश दीदी, सुख-शांति भवन की डायरेक्टर बीके नीता दीदी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।

और माफी मांग लें...

अंतरराष्ट्रीय मोटिवेशनल स्पीकर शिवानी दीदी ने कहा कि यदि हम इस जन्म बुरे अनुभव, घटनाओं को अगले जन्म में अपने साथ नहीं ले जाना चाहते हैं तो लोगों को माफ कर दें और उनसे मन ही मन माफी मांग लें।हमें हल्का महसूस करना है तो पुरानी बातें छोडऩा होंगी, क्योंकि ज्यादा दिन तक पुरानी बातों को मन में रखने से आत्मा भारी होती है और मन की शक्ति कमजोर हो जाती है। पुरानी बातों को मन में रखकर चलना बोझा ढोने के समान है।

प्रेमयुक्त व्यवहार करें

उन्होंने कहा कि प्रेम आत्मा का स्वाभाविक गुण है। हम किसी को व्यवहार देखकर या परिस्थिति के हिसाब से किसी के साथ व्यवहार न करें। यदि हमने अपना नेचर सदा प्रेमयुक्त बनाने का संकल्प ले लिया तो सामने वाला भले कैसा व्यवहार करे हम प्रेमयुक्त व्यवहार ही करेंगे। यही हमारा व्यक्तित्व होता है। जब सामने वाला अपनी आदत को नहीं बदल सकता तो फिर हम क्यों अपनी अच्छी आदत, संस्कार या व्यवहार को बदलें।

ऐसे जीवन बनेगा सहज

- हमारे विचार किसी के प्रति नाकारात्मक हैं तो उस आत्मा तक नकारात्मक वाइब्रेशन (प्रकम्पन) ही पहुंचेंगे। इसलिए हमारी कथनी और करनी एक समान हो।
- जो जैसा है उसे वैसा ही स्वीकार करने से हमारी एनर्जी बढऩे लगेगी।
- माता-पिता बच्चों को बार-बार परीक्षा की बातों से डराकर उनकी एनर्जी डाउन कर देते हैं, जबकि उनका हौसला बढ़ाना चाहिए।

Published on:
21 Sept 2019 11:55 am
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