जान जोखिम में डाल 6 घरों के चिराग को जिंदा बचाया, इस रियल हीरो को मिला बड़ा इनाम

जान जोखिम में डाल 6 घरों के चिराग को जिंदा बचाया, इस रियल हीरो को मिला बड़ा इनाम

KRISHNAKANT SHUKLA | Updated: 14 Sep 2019, 04:07:44 PM (IST) Bhopal, Bhopal, Madhya Pradesh, India

खटलापुरा घाट पर नाव हादसे में डूबती कश्ती से जान जोखिम में डालकर रियल हीरो नितिन बाथम ने बचाई 6 जिंदगियां, कलेक्टर ने दिया बड़ा इनाम

भोपाल. मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के खटलापुरा घाट नाव हादसे में जान जोखिम में डालकर 6 लोगों की जान बचाने वाले रियल हीरो नितिन बाथम को जिला प्रशासन की ओर से 50 हजार रुपए पुरुस्कार, शासकीय नौकरी का प्रस्ताव और बहादुरी के पुरुस्कार के लिए नाम भेजा जाएगा। इस मौके पर भोपाल कलेक्टर तरुण पिथोडे ने कलेक्ट्रेट में बाथम की बहादुरी को लेकर सम्मानित किया।

6 को दिया जीवन दान

जब नाव डूबी तो भोइपुरा के रियल हीरो नितिन बाथम घाट के किनारे खड़े थे। बाथम का कहना है कि नाव डूबते ही पानी में तुरंत कूद गया। पांच से छह युवकों को ही बचा पाया। डूबने वाले इतने थे कि मैं अकेले सबको नहीं बचा पाया। नाविक नहीं भागते और बचाने की कोशिश करते तो शायद कुछ और की भी जान बच सकती थी।

MUST READ : बेटे की लाश देखते ही फफक-फफक कर रो पड़ी मां

 

real_hero_bhopal_.png

ये है पूरा मामला

छोटा तालाब के खटलापुरा घाट पर शुक्रवार तड़के गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान नाव पलटने से 11 युवकों की डूबकर मौत हो गई। छह लोगों को बचा लिया गया। घटनास्थल के समीप एसडीआरएफ, होमगार्ड व पुलिस के मुख्यालय हैं। इसके बावजूद घाट पर हादसा रोकने खास प्रबंध नहीं किए गए।

इनका कहना

बेहद दु:खद घटना है। सरकार पीडि़त परिवारों के साथ है। जिसकी भी लापरवाही होगी, उसे बख्शा नहीं जाएगा। मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। -कमलनाथ, मुख्यमंत्री


MUST READ : ये थे 5 बड़े कारण, जिस वजह से गई 11 लोगों की जान

घटना में कलेक्टर और कमिश्नर जिम्मेदार

घटना में कलेक्टर और नगर निगम कमिश्नर जिम्मेदार हैं। इनका काम है कि घाट पर गोताखोरों की व्यवस्था रखें। पुलिस-होमगार्ड की जिम्मेदारी है कि नाव में अधिक लोगों को न बैठने दिया जाए। -शिवराज सिंह चौहान, पूर्व सीएम

 

 

ये है बड़ा सवाल

4 नाविक ही गिरफ्तार क्यों ? पुलिस ने नाविक आकाश, चंगु, शुभम और अभिषेक बाथम को दोषी मानते हुए गिरफ्तार किया।

बड़े अफसरों पर नहीं की कार्रवाई

सरकार ने किसी बड़े अधिकारी पर कार्रवाई नहीं की है। छोटे ही कर्मचारियों को जिम्मेदार मानकर एक्शन लिया है।

नगर निगम: वहां गोताखोर नहीं थे। गहरे पानी में जाने से रोकने रस्सी तक नहीं लगी थी। सिर्फ कार्यपालन यंत्री आरके सक्सेना व अग्रिशमन अधिकारी साजिद खान को ही निलंबित किया है।

पुलिस: 15 पुलिसकर्मी तैनात थे। महिला थाना टीआई की ड्यूटी थी। वह नदारद थीं। बड़ी मूर्ति होने पर नाविकों को नहीं रोका। सिर्फ एएसआई शिववचन यादव को कर दिया निलंबित।

MUST READ : 11 की मौत पर राजनीतिक सियासत गर्म, नेता बोले- जितनों की ड्यूटी थी सब पर होगी कार्यवाही

एसडीआरएफ: एक सदस्य मौजूद नहीं था। घटना के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ। ऑपरेशन में ही नाव में क्षमता से अधिक लोगों को बैठा लिया। 

जिला प्रशासन: आरआइ अनिल गव्हाने को प्रभारी के रूप में दो बजे के बाद रहना था। वे युवकों को रोकने में विफल रहे। इन्हें फिलहाल निलंबित कर दिया।

Show More

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned