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Result Out: एमपी में सरकारी स्कूलों का दबदबा, 76.80 प्रतिशत रहा रिजल्ट

MP Board Result 2026: मध्यप्रदेश, माध्यमिक शिक्षा मंडल ने साल 2026 की 10वीं और 12वीं परीक्षा परिणाम जारी कर दिया है। इस बार सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं ने बाजी मारी है। सरकारी स्कूलों का परीक्षा परिणाम 76.80 प्रतिशत रहा।

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Apr 15, 2026
MP Board Result 2026
MP Board Government schools Result 2026 एमपी में सरकारी स्कूलों का दबदबा

MP Board Result 2026: मध्यप्रदेश, माध्यमिक शिक्षा मंडल ने साल 2026 की 10वीं और 12वीं परीक्षा परिणाम जारी कर दिया है। इस बार सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं ने बाजी मारी है। सरकारी स्कूलों का परीक्षा परिणाम 76.80 प्रतिशत रहा। कक्षा 10वीं में पन्ना जिले की प्रतिभा सिंह सोलंकी ने 500 में से 499 अंक प्राप्त कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। प्रतिभा सिंह सोलंकी पन्ना जिले के सरस्वती ज्ञान मंदिर गुनौर की छात्रा हैं। वहीं टॉपर्स की लिस्ट में छात्राओं का दबदबा देखने को मिला। 10वीं मेरिट लिस्ट में 378 विद्यार्थियों ने जगह बनाई, जिनमें 235 छात्राएं और 143 छात्र शामिल हैं।

सरकारी स्कूलों के 81.01 प्रतिशत छात्र पास

गुना जिले में कक्षा 12वीं का सरकारी स्कूल का परीक्षा परिणाम निजी विद्यालयों की अपेक्षा काफी ठीक रहा। सरकारी स्कूलों के 81.01 प्रतिशत और प्राइवेट स्कूलों के 75 फीसदी छात्र पास हुए। वहीं कक्षा दसवीं में सरकारी स्कूलों के 71.48 फीसदी और प्राइवेट स्कूलों के 65 फीसदी छात्र पास हुए।

इन जिलों का बेहतर प्रदर्शन

10वीं के परीक्षा परिणाम में जिला स्तर पर अनूपपुर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया, जबकि अलीराजपुर दूसरे स्थान पर रहा। वहीं 12वीं में झाबुआ 93.23% परिणाम के साथ टॉप पर रहा और अनूपपुर दूसरे स्थान पर रहा।

मध्यप्रदेश के बड़े शहरों में हाई स्कूल का प्रदर्शन

  • भोपाल 64.20%: टॉप-10 से काफी बाहर, औसत से कम प्रदर्शन
  • इंदौर- 67.56%: इंदौर भी टॉप जिलों से काफी पीछे
  • जबलपुर 73.86%: मध्यम प्रदर्शन, टॉप-10 में जगह नहीं
  • ग्वालियर 60.87%: कमजोर प्रदर्शन, निचले जिलों में शामिल
  • उज्जैन 75.18%: इन शहरों में सबसे बेहतर, लेकिन टॉप-10 से बाहर

मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना का मिलेगा लाभ

मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना(mukhyamantri medhavi vidyarthi yojana) के तहत 12वीं एमपी बोर्ड में 70 एवं सीबीएसई के 85 प्रतिशत नंबर लाने और जेईई और नीट जैसी परीक्षा पास करने वाले छात्र छात्राओं के आगे के कोर्स की पूरी फीस सरकार की ओर से दी जाती है। इस योजना की शुरुआत साल 2017 में की गई थी।

प्रमुख कोर्स की अनुमानित फीस

  • इंजीनियरिंग (प्राइवेट कॉलेज): 6 से 10 लाख रुपए
  • मेडिकल (प्राइवेट कॉलेज): 40 से 80 लाख रुपए
  • मैनेजमेंट (एमबीए): 4 से 12 लाख रुपए
  • फार्मेसी, आर्किटेक्चर: 3 से 8 लाख रुपए।
Published on:
15 Apr 2026 01:19 pm