
MP News : मध्य प्रदेश में अघोषित बिजली कटौती को लेकर सियासत गरमाने लगी है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि, बिजली संकट के कारण प्रदेश की आम जनता के साथ - साथ किसान परेशान हैं। उन्होंने सरकार के भीतर खींचतान का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से बिजली कटौती की समस्या का समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है।
उमंग सिंघार ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर प्रदेश में बिजली आपूर्ति की स्थिति पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने दावा किया कि, राज्य में अघोषित बिजली कटौती से आम लोगों के साथ - साथ किसानों को खासा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सिंघार के अनुसार, सरकार के मंत्रियों ने भी बिजली कटौती के मुद्दे पर सवाल उठाए हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने अपनी पोस्ट में दावा किया कि, कैबिनेट की विशेष बैठक में उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा समेत राज्य सरकार के 12 मंत्रियों ने बिजली कटौती की समस्या पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इसे सरकार के भीतर असंतोष से जोड़ते हुए कहा कि, एक तरफ मुख्यमंत्री प्रदेश में 10 घंटे बिजली मिलने का दावा कर रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ मंत्रियों की नाराजगी सरकार के दावों पर सवाल खड़े कर रही है।
सिंघार ने आरोप लगाया कि, भाजपा सरकार की आपसी खींचतान के बीच आम जनता बिजली संकट झेलना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि, बिजली कटौती का असर सिर्फ घरेलू उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं, बल्कि किसानों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री से अपील की कि प्रदेश की जनता को सरकार के भीतर चल रही कथित खींचतान का खामियाजा न भुगतना पड़े। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए और बिजली संकट से राहत दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए।