Minister Pradyuman Singh Tomar- मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने दिया सख्त संदेश, समाधान योजना पर बैठक ली
Minister Pradyuman Singh Tomar - मध्यप्रदेश में बिजली बिलों की बकाया राशि जमा कराने के लिए समाधान योजना चलाई जा रही है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने योजना की ऑनलाइन समीक्षा कर प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने समाधान योजना की सर्किलवार समीक्षा की। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने अधिकारियों को पहले बड़े बकायादारों से सख्ती से वसूली करने को कहा। उन्होंने कहा कि बिजली कंपनी की आर्थिक स्थिति ठीक करने के लिए यह काम जरूरी है। मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने वरिष्ठ अधिकारियों को लगातार फील्ड पर जाने को भी कहा। समीक्षा के दौरान उन्होंने अफसरों को सख्त चेतावनी भी। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि लक्ष्य प्राप्त नहीं होने और कार्य में लापरवाही पाए जाने पर ट्रांसफर करने की बजाए सीधा डिमोशन कर दिया जाएगा।
ऊर्जा विभाग के सचिव विशेष गढ़पाले ने बैठक में बिजली बिल जमा नहीं करने वालों के कनेक्शन काटने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि लक्ष्य के अनुसार बकाया राशि की वसूली जरूरी है। पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के एमडी अनय द्विवेदी, पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के एमडी अनूप सिंह सहित सभी वरिष्ठ अधिकारी बैठक में ऑनलाइन शामिल हुए।
समाधान योजना का प्रथम चरण 31 जनवरी तक चलेगा। बैठक में बताया गया कि योजना में अभी तक 578 करोड़ 22 लाख रूपए जमा हुए हैं। बिजली उपभोक्ताओं के 264 करोड़ 17 लाख रूपए के सरचार्ज माफ किए गए हैं। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्र में सर्वाधिक 382 करोड़ 72 लाख रूपए जमा हुए हैं।
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बैठक में कहा कि जिन उपभोक्ताओं के 2 लाख रुपए से अधिक की बकाया राशि है, उनसे मुख्य अभियंता सीई और अधीक्षण अभियंता एसई खुद बात करें।
मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बैठक में समाधान योजना के संबंध में अधिकारियों को सख्त संदेश दिया। उन्होंने चेताया कि निर्धारित लक्ष्य के अनुसार उपलब्धि प्राप्त नहीं होने और काम में लापरवाही पाई जाने पर अधिकारियों का ट्रांसफर नहीं बल्कि डिमोशन किया जाएगा।
ऊर्जा मंत्री ने समाधान योजना में अच्छा काम करनेवालों को पुरुस्कार देने की भी बात कही। उन्होंने सबसे अच्छी उपलब्धि अर्जित करनेवाले सर्किल के अधीक्षण यंत्री को 50 हजार रुपए का इनाम देने की घोषणा की। कंपनी क्षेत्रांर्गत प्रथम सर्किल को 25 हजार रुपए और सर्वश्रेष्ठ सहायक यंत्री को 11 हजार रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा। संबंधित अधिकारी की गोपनीय चरित्रावली में भी इसकी एंट्री की जाएगी। बैठक में मंत्री ने रबी सीजन में किसानों को 10 घंटे बिजली देना सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।