भोपाल

अपनी 117 साल पुरानी धरोहर प्रॉपर्टी को बेचेगी MP सरकार, खजाना भरने के लिए तैयार किया प्लान

MP Government Edward Villa Sale: मध्य प्रदेश सरकार मुंबई के कोलाबा स्थित 117 साल पुराने ऐतिहासिक एडवर्ड विला को बेचने की तैयारी में है। इसके लिए ट्रांजेक्शन एडवाइजर नियुक्त करने प्रस्ताव मांगे गए हैं।
2 min read
• •
Oct 10, 2026
MP Government Edward Villa Sale Mumbai revenue generation
MP Government Edward Villa Sale: अपनी 117 साल पुरानी धरोहर प्रॉपर्टी को बेचेगी MP सरकार (फोटो सोर्स- Patrika)

MP Government Edward Villa Sale: मध्य प्रदेश सरकार ने अब खजाना भरने अन्य राज्यों में स्थित संपत्तियों के मॉनेटाइजेशन की तैयारी कर ली है। इस कड़ी में मुंबई के कोलाबा इलाके में स्थित हेरिटेज प्रॉपर्टी एडवर्ड विला बेचा जाएगा। इस प्रॉपर्टी के हस्तांतरण के लिए ट्रांजेक्शन एडवाइजर की सेवाएं ली जा रही हैं। अच्छी कीमत मिलने पर इसकी लीज का हस्तांतरण कर दिया जाएगा।

वर्तमान में यह संपत्ति मध्य प्रदेश सरकार के एक विशेष अतिथि गृह के रूप में उपयोग की जा रही है। इसके पहले कैबिनेट केरल के वायनाड में स्थित प्रॉपर्टी को बेचने के फैसले पर मुहर लगा चुकी है। लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग वर्ष 2016 से अभी तक प्रदेश की 101 शासकीय संपत्तियों को नीलामी के माध्यम से बेच चुका है। इससे सरकार को 1110 करोड़ का राजस्व मिला है।

1909 में बना था 'एडवर्ड विला' भवन, बाद में हेरिटेज घोषित

एडवर्ड विला का भवन 1909 में बना था। बाद में इसे हेरिटेज भवन के रूप में वर्गीकृत किया गया है। इसमें पत्थर और ईंट की चिनाई से बनी मोटी दीवारें हैं जिन पर दोनों तरफ प्लास्टर किया गया है, और आंतरिक ईंट की विभाजन दीवारें हैं। फर्श में लकड़ी के बीम, तख्ते और कोबा के साथ सीमेंट/पॉलिश किए हुए शाहबाद टाइल लगे हैं। भवन में भूतल के अलावा दो ऊपरी मंजिलें हैं जो सीढ़ी द्वारा मुख्य भवन से जुड़ी हुई हैं। प्रत्येक मंजिल पर दो फ्लैट हैं और पास वाले ढांचे में नौकरों के कमरे हैं। कुल निर्मित क्षेत्रफल 1.246.07 वर्ग मी. है (भूतल 611.90, प्रथम मंजिल 551.89 और दूसरी 82.28 वर्ग मीटर)।

इन प्रदेशों में भी हैं मध्यप्रदेश की संपत्तियां

केरल- वायनाड जिले में 554 एकड़ की बीनाची एस्टेट है। इस जमीन का एक बड़ा हिस्सा प्राइवेट फॉरेस्ट एक्ट के तहत केरल सरकार के अधीन था। पीआइसीएल ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। इसे मुआवजा लेकर केरल को ही सौंपा जाएगा।

मुंबई- मुंबई के गोरेगांव में मप्र की लगभग 2.5 एकड़ (10.460 वर्गमीटर) जमीन है। मुंबई में ही दूसरी प्रॉपर्टी 2 हजार वर्ग मीटर से अधिक की एक तीन मंजिला प्रिंसेज बिल्डिंग है। जर्जर होने के बाद रीडेंसिफिकेशन स्कीम से पुनर्निर्माण कराया जा रहा है।

नागपुर- नागपुर में सड़क परिवहन निगम ने 1956 में बस डिपो के लिए जमीन खरीदी थी। यह जमीन महाराष्ट्र सरकार के नाम पर दर्ज होने के बाद विवाद शुरू हो गया था। हालांकि इस विवाद को अब सुलझा लिया गया है। इसकी कीमत भी करोड़ों में है।

उत्तरप्रदेश- उत्तर प्रदेश के झांसी में भी मध्य प्रदेश सरकार की लगभग 19 एकड़ जमीन है। ग्वालियर रियासत के समय की इस जमीन पर फिलहाल उत्तर प्रदेश सरकार का कब्जा है। मप्र सरकार इस प्रॉपर्टी को लेकर भी चर्चा कर रही है।

एडवाइजर नियुक्त करने बुलाए प्रस्ताव

वित्त विभाग की प्रोविडेंट इन्वेस्टमेंट कंपनी लिमिटेड (पीआइसीएल) अभी इस हेरिटेज प्रॉपर्टी का प्रबंधन कर रही है। कंपनी ने ट्रांजेक्शन एडवाइजर नियुक्त करने के लिए 30 अक्टूबर तक प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। यह प्रॉपर्टी मप्र सरकार द्वारा एमसीजीएम से 13 नवंबर 2012 से 13 नवंबर 2035 तक 30 वर्षों के लिए लीज पर ली गई है। इसका प्लॉट साइज 1168.90 वर्ग मीटर है। वर्तमान में इसका वार्षिक लीज रेंट 13.71 लाख है। सरकार इस प्रॉपर्टी के शेष लीज अधिकारों की बिक्री जहां है, जैसा है की स्थिति में करना बाहती है। इससे राज्य के खजाने में अधिकतम राशि आ सकेगी। बता दें, 2019 में तत्कालीन सीएम कमलनाथ ने भी इस प्रॉपर्टी का निरीक्षण किया था। यह मुंबई के सबसे पुराने इलाकों में से एक हैं।

Updated on:
10 Oct 2026 07:55 am
Published on:
10 Oct 2026 07:55 am