Liquor- नई आबकारी नीति, राजस्व बढ़ाने, अवैध शराब पर प्रभावी नियंत्रण तथा विभागीय कार्य प्रणाली को सुदृढ़ बनाने पर बैठक
Liquor- मध्यप्रदेश में आबकारी नीति 2026-27 पर मंथन चल रहा है। अवैध शराब पर लगाम लगाने सरकार सख्त नीति बना रही है। इसके लिए आबकारी अधिनियम प्रावधान में संशोधन किया जाएगा जिसपर संभागीय और जिला आबकारी अधिकारियों के सुझाव मांगे जा रहे हैं। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने शुक्रवार को इसके लिए इफको भवन में मीटिंग बुलाई। राज्य सरकार ने इस वित्तीय वर्ष में शराब ठेकों से 18 हजार करोड़ रुपए का राजस्व का लक्ष्य रखा है। इसके लिए अब महज 3 माह शेष हैं जिसपर अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई।
नई आबकारी नीति वर्ष 2026-27 पर चर्चा के लिए आयोजित बैठक में आबकारी राजस्व बढ़ाने, अवैध शराब पर प्रभावी नियंत्रण तथा विभागीय कार्य प्रणाली को और सुदृढ़ बनाने पर विस्तृत विचार- विमर्श किया गया। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि नई नीति के लिए सभी जिला अधिकारी अपने सुझाव लिखित में भी दे सकते हैं। उन्होंने बताया कि 1915 में बने आबकारी अधिनियम की अव्यावहारिक कंडिका में समयानुकूल संशोधन किया जाएगा।
उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि इस वित्तीय वर्ष में आबकारी राजस्व का लक्ष्य 18 हजार करोड़ रुपए निर्धारित है। इसे मार्च 2026 तक पूरा किया जाना है। उन्होंने एक हजार करोड़ रुपए की आबकारी की बकाया राशि की वसूली के सख्त निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जिन मामलों में प्रकरण न्यायालय में लंबित हैं, वहां विशेष प्रयास कर पूरी राशि की वसूली सुनिश्चित करें।
प्रदेशभर में इन दिनों अवैध शराब बिक्री की शिकायतें सामने आ रहीं हैं। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने इसपर कड़ी निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी भी स्थिति में अवैध शराब का कारोबार नहीं होना चाहिए, दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। ग्रामीण महिलाओं द्वारा शराब दुकानों से संबंधित शिकायत को गंभीरता से लेते हुए यथाशीघ्र निराकरण करने के भी निर्देश दिए। जहरीली शराब की घटनाएं न होने की हिदायत भी दी।
हाल ही में भोपाल, धार, ग्वालियर एवं रायसेन में की गई शराब जब्ती की कार्रवाई का उल्लेख करते हुए उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने बिना परमिट शराब के परिवहन पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से तय लक्ष्यों को पूरा करने को कहा। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व की दृष्टि से विभाग की छवि बहुत महत्वपूर्ण है।