
MP Lokayukta Bribery Action: मध्य प्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। लगभग हर दूसरे दिन कहीं न कहीं लोकायुक्त (Lokayukta Action) रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों को रिश्वत (Bribe) लेते हुए रंगेहाथों पकड़ रही है लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं। गुरुवार (30 जुलाई) को मध्यप्रदेश में 4 अलग-अलग जिलों में कार्रवाई करते हुए लोकायुक्त की टीमों ने चार रिश्वतखोरों को पकड़ा है। ग्वालियर, दमोह, नरसिंहपुर और झाबुआ जिले में लोकायुक्त ने रिश्वतखोरों को रंगेहाथों पकड़ा है।
ग्वालियर नगर निगम में जलकार्य विभाग कार्यपालन यंत्री सुशील कटारे को लोकायुक्त की टीम ने गुरुवार को उनके ही दफ्तर में 6 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए पकड़ा। हैरानी की बात ये है कार्यपालन यंत्री सुशील कटारे एक दिन बाद यानी 31 जुलाई को रिटायर होने वाले थे। इंजीनियर सुशील कटारे के खिलाफ विभाग से पूर्व में सेवानिवृत्त हुए प्रेम पचौरी के बेटे सचिन पचौरी ने लोकायुक्त में शिकायत की थी। अपनी शिकायत में फरियादी सचिन पचौरी ने बताया था कि वो नगर निगम में कांट्रेक्ट लेता है, उनका 36 लाख रुपए का पेमेंट लंबे समय से अटका हुआ है। उसे निकालने के लिए सुशील कटारे एक प्रतिशत के हिसाब से कमीशन मांग रहे थे। वो 30 हजार रुपए रिश्वत के तौर पर पहले ही इंजीनियर सुशील कटारे को दे चुका है और गुरुवार को आखिरी किस्त के तौर पर 6 हजार रुपये देने हैं। लोकायुक्त ने जाल बिछाया और इंजीनियर सुशील कटारे को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा।
गुरुवार को ही दमोह जिले के जबेरा ब्लॉक की परासई पंचायत में पदस्थ रोजगार सहायक राजेश सिंह लोधी को सागर लोकायुक्त की टीम ने 8 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा। रोजगार सहायक राजेश सिंह लोधी के खिलाफ परासई गांव के रहने वाले संजू रैकवार ने सागर लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में फरियादी संजू रैकवार ने बताया था कि उसके नाम पर प्रधानमंत्री आवास की कुटीर स्वीकृत हुई है। पीएम आवास की दो किस्तें उसे जारी हो चुकी हैं और तीसरी किस्त जारी कराने के नाम पर रोजगार सहायक ने उससे 30 हजार रुपये की रिश्वत मांगी है। जिनमें से 22 हजार रुपये रिश्वत के तौर पर पहले ही वो रोजगार सहायक राजेश सिंह लोधी को दे चुका है।
नरसिंहपुर के गाडरवारा में गुरुवार को जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने तहसील कार्यालय में पदस्थ बाबू अजय कुमार श्रीवास्तव को 3 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा। आरोपी बाबू ने जमीन के नक्शा सुधार का आदेश जारी करने के एवज में बरहटा के रहने वाले आशीष कुमार कौरव से रिश्वत की मांग की थी। फरियादी आशीष कुमार कौरव ने लोकायुक्त कार्यालय जबलपुर में शिकायत दर्ज कराई थी और शिकायत सही पाए जाने के बाद गुरुवार को लोकायुक्त की टीम ने बाबू अजय कुमार को रंगेहाथों धरदबोचा।
झाबुआ जिले की सारंगी उप तहसील में लोकायुक्त इंदौर की टीम ने पटवारी संजय अमलियार को गुरुवार को 2 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा। पटवारी संजय अमलियार फार्मर आईडी में कृषि भूमि का सर्वे नंबर दर्ज करने के एवज में पुनिया भूरिया नाम के किसान से 2000 रुपये की रिश्वत की मांग कर रहा है। फरियादी किसान पुनिया भूरिया ने लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में पटवारी संजय अमलियार के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत दर्ज कराई थी।