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मूंग खरीदी पर बवाल के बीच शिवराज सिंह चौहान ने एमपी सरकार को लिखा पत्र

Moong Procurement Letter: शिवराज सिंह चौहान ने कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना के पत्र के जवाब में लिखा- 'खरीदी के लिए राज्य को केंद्र कोई लक्ष्य नहीं देता, मंत्री ने गलत लिखा'।
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shivraj singh chouhan

shivraj singh chouhan letter mp government moong procurement row, शिवराज सिंह चौहान व प्रदर्शन करते किसान (source-patrika)

Shivraj Singh Chouhan Moong Procurement Letter: मध्यप्रदेश में मूंग खरीदी को लेकर किसानों का आंदोलन चल रहा है। मूंग खरीदी पर बवाल मचा है, इस बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश सरकार को पत्र लिखा है। पत्र में शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश के कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना के पत्र का जवाब देकर लिखा है कि मंत्री ने लिखा है कि केंद्र ने 4.54 लाख मीट्रिक टन खरीदी का लक्ष्य दिया है, लेकिन किसी भी राज्य को केंद्र कोई लक्ष्य देता ही नहीं है।

प्रदेश सरकार को शिवराज का पत्र

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने पत्र में आगे लिखा है- 'केंद्र पीएम-आशा योजना के तहत राज्य से मूंग खरीदी में उत्पादन का 25 प्रतिशत खरीद मंजूर केंद्र करता है। बाकी खरीदी राज्य को अपने स्तर से करना होती है। इसके अलावा यदि तय मंजूर मात्रा की खरीदी पूरी हो जाए तो अतिरिक्त मंजूरी सचिव समिति देती है। लेकिन, मप्र ने अभी 4.54 लाख में से 29 जुलाई तक केंद्र को प्राप्त आंकड़ों के हिसाब से केवल 60 हजार मीट्रिक टन ही खरीदी की है। इसका पूरा हवाला देकर केंद्रीय कृषि मंत्री ने नियमों को भी पत्र के साथ संलग्न किया है।' शिवराज ने लिखा है कि किसानों के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार से यह अनुरोध है कि मूंग की खरीदी शीघ्रता से सुनिश्चित करने का कष्ट करें।

देश में सर्वाधिक मध्यप्रदेश को- शिवराज सिंह चौहान

मंत्री एंदल ने बीती 28 जुलाई को ही शिवराज सिंह को ग्रीष्मकालीन मौसम 2025-26 के दौरान मूल्य समर्थन योजना पीएसएस के अंतर्गत मूंग खरीद की मात्रा में वृद्धि को लेकर पत्र लिखा था। इसका उल्लेख करके शिवराज सिंह ने अपने पत्र में लिखा है- देश में कुल 5,23,243 मीट्रिक टन मूंग की मात्रा की खरीद की स्वीकृति दी गई है, जिसमें देश में सबसे अधिक 4,54,580 मीट्रिक टन मध्यप्रदेश को दी गई है। यह देश की कुल मात्रा की 87 प्रतिशत है। देश में उत्तर प्रदेश से 48,298 मीट्रिक टन, हरियाणा से 2,115 मीट्रिक टन, गुजरात से 18,250 मीट्रिक टन एवं मध्य प्रदेश से सर्वाधिक 4,54,580 मीट्रिक टन की स्वीकृति प्रदान की गई है। बाकी खरीदी राज्य अपने स्तर से कर सकते हैं। लेकिन यदि कोई राज्य तय खरीदी पूरी कर लेता है, तो सचिव समिति के स्तर से निर्णय करके उसे अतिरिक्त खरीदी मंजूर की जा सकती है।

पिछले सालों में ऐसी खरीदी

  • 2021-22 में 2,75,645 मीट्रिक टन
  • 2022-23 में 2,75,645 मीट्रिक टन
  • 2023-24 में 3,30,763 मीट्रिक टन
  • 2024-25 में 4,19,692 मीट्रिक टन
  • 2025-26 में 4,54,580 मीट्रिक टन मंजूरी।

(इस मंजूर मात्रा के अलावा की खरीदी राज्य ने अपने स्तर से की है)