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Bhopal news: ‘बुआ जी फूफा बहुत गंदे है…’, 10 साल की बच्ची ने 2 साल झेला दर्द , सहेली ने खोले राज

POCSO Court: कोरोना काल में 10 साल की बच्ची दर्द झेलती रही लेकिन उसने किसी को नहीं बताया। बाद में सहेली की मदद से बुआ को पूरी बात बताई।
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POCSO Court: फूफा को मिली सजा (Photo Source - Patrika)

POCSO Court: फूफा को मिली सजा (Photo Source - Patrika)

Bhopal news:मध्यप्रदेश के भोपाल शहर में 10 साल की बच्ची के साथ लगातार दो साल तक दुष्कर्म करने वाले उसके सगे फूफा को विशेष पॉक्सो कोर्ट ने सख्त सजा सुनाई। न्यायाधीश कुमुदिनी पटेल की कोर्ट ने आरोपी को अलग-अलग धाराओं में तीन बार सश्रम उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही पीड़िता को 5 लाख रुपए प्रतिकर देने का भी आदेश दिया है।

विशेष लोक अभियोजक दिव्या शुक्ला ने बताया, मामला सुखीसेवनिया थाना क्षेत्र का है। साल 2022 में एसओएस संस्था की कार्यकर्ता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। पीड़िता ने बताया, माता-पिता व दादी की मौत के बाद बुआ और फूफा उसे अपने घर ले गए थे। कोरोना काल में फूफा ने बुआ की गैरमौजूदगी में हैवानियत शुरू कर दी थी।

कोरोनाकाल में शुरू हुई हैवानियत

पीड़िता के अनुसार, कोरोना काल में जब स्कूल बंद थे और बुआ घर से बाहर काम पर जाती थीं, तब आरोपी फूफा ने पहली बार उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपी ने जान से मारने की धमकी देकर उसे चुप रहने के लिए मजबूर किया। उन्होंने कहा कि गलती से किसी को ये बातें बताई तो घर में रहने नहीं देंगे और जान से भी मार देंगे।

फूफा की बातों से बच्ची लंबे समय तक खामोश रहीं, उसने किसी से कुछ नहीं कहा। फूफा बच्ची की मासूमियत का फायदे उठाकर लगातार दो साल तक उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। लंबे समय तक फूफा के अत्याचार के कारण बच्ची को गंभीर शारीरिक तकलीफ होने लगी। डरी हुई बच्ची ने बाद में अपनी एक सहेली को घटना बताई, जिसके कहने पर बुआ को जानकारी दी गई। इसके बावजूद आरोपी नहीं रुका। आखिरकार एसओएस की कार्यकर्ता के सामने बच्ची ने पूरी आपबीती बताई, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया।

5 लाख रुपए प्रतिकर देने का दिया आदेश

सुनवाई के दौरान साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए तीन अलग-अलग धाराओं में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने यह भी माना कि पीड़िता अब एसओएस में रहकर पढ़ाई कर रही है, इसलिए उसके भविष्य को देखते हुए 5 लाख रुपए प्रतिकर देने का आदेश दिया।