
MP Government Decision On Moong Procurement (एमपी सरकार का बड़ा फैसला Photo Source- Patrika)
MP News :मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों के मुद्दों को हल करने के लिए मंत्री समूह का गठन किया था। इस समूह की किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ 29 जुलाई को मंत्रालय में बैठक हुई। बैठक में कई किसान हितैषी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसके संबंध में प्रदेश के कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना ने जानकारी दी। उन्होंने कहा कि, मध्य प्रदेश सरकार सदैव किसानों के हित में कार्य करती आई है। हमारे अन्नदाता प्रदेश की अर्थव्यवस्था और समृद्धि का आधार हैं और उनके परिश्रम से उत्पादित उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
प्रदेश के कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने कहा कि, जैसा कि हम सभी जानते हैं भारत सरकार द्वारा इस वर्ष ग्रीष्मकालीन मूंग के उपार्जन के लिए मध्य प्रदेश को 4.52 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। भारत सरकार की योजना के अंतर्गत राज्य के कुल उत्पादन का अधिकतम 25 प्रतिशत उपार्जन किए जाने का प्रावधान है। भारत सरकार के इसी नियम के अंतर्गत निर्णय लिया गया था कि प्रदेश के मूंग उत्पादक किसानों से उनकी उपज का 25 प्रतिशत न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर उपार्जित किया जाएगा।
मंत्री कंसाना ने बताया कि आज किसान प्रतिनिधियों के साथ हुई चर्चा के बाद किसानों के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए मध्यप्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब प्रत्येक पात्र किसान से उसकी मूंग उपज का 25 प्रतिशत नहीं, बल्कि 60 प्रतिशत उपार्जन किया जाएगा, जो नर्मदापुरम, सीहोर एवं हरदा जैसे जिलों में लगभग 3 क्विंटल प्रति एकड़ आता है। यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू किया जाएगा और हमारा प्रयास रहेगा कि अधिक से अधिक किसानों को इसका लाभ मिले ।
मंत्री कंसाना ने कहा कि, किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने स्लॉट बुकिंग की अवधि भी 10 दिन बढ़ाने का निर्णय लिया है। अब किसान 30 जुलाई के स्थान पर 10 अगस्त तक स्लॉट बुकिंग कर सकेंगे। इसी प्रकार उपार्जन की अंतिम तिथि भी 10 अगस्त से बढ़ाकर 20 अगस्त की जा रही है। मैं प्रदेश के किसान भाइयों-बहनों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि मध्यप्रदेश सरकार सदैव किसानों के हित में खड़ी है। जहां तक खाद वितरण के लिए लागू की गई ई-टोकन व्यवस्था से संबंधित शिकायतों और व्यावहारिक समस्याओं का प्रश्न है, यह व्यवस्था राज्य शासन का एक महत्वपूर्ण सुधार है और आने वाले समय में इससे किसानों को काफी सुविधा एवं लाभ मिलेगा।
मंत्री कंसाना ने कहा कि चूंकि यह एक नई व्यवस्था है, इसलिए प्रारंभिक स्तर पर सामने आ रही समस्याओं को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कृषि उत्पादन आयुक्त, की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया है। यह समिति ई-टोकन व्यवस्था से जुड़ी सभी समस्याओं का परीक्षण कर राज्य सरकार को अपनी अनुशंसाएं प्रस्तुत करेगी। समिति की अनुशंसाओं के आधार पर आवश्यक सुधार तत्काल किए जाएंगे । सुझाव प्राप्त होकर सुधार होने तक ई-टोकन से खाद वितरण की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से स्थगित की जा रही है।
Updated on:
30 Jul 2026, 6:54 AM IST
Published on:
30 Jul 2026, 6:50 AM IST
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