भोपाल

आज का सवाल- बड़ा तालाब संरक्षित करने के लिए हो रहे प्रशासनिक प्रयासों से क्या आप संतुष्ट हैं?

mp news: अतिक्रमण, गंदगी के कारण तालाब का दायरा सिकुड़ता जा रहा है। अगर समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो इसके दुष्परिणाम भुगतने पड़ेंगे।

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Feb 14, 2026
mp news bhopal bada talab conservation public opinion

mp news: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल की पहचान यहां के बड़े तालाब और अन्य झीलों से है, लेकिन इसके संरक्षण के लिए कोई पहल नहीं हो रही है। अतिक्रमण, गंदगी के कारण तालाब का दायरा सिकुड़ता जा रहा है। अगर समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो इसके दुष्परिणाम भुगतने पड़ेगे। पत्रिका में आज का सवाल इसी से जुड़ा है और सवाल है- बड़ा तालाब संरक्षित करने के लिए हो रहे प्रयासों से आप कितने संतुष्ट हैं?

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'सख्त कार्यवाहीं करना जरूरी'

तालाबों में गंदगी फैलाने और अतिक्रमण करने वालों पर सख्ती से कार्यवाही करना जरूरी है। कई हिस्सों में जलकुंभी हो रही है, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जाता। पूजन सामग्री भी तालाबों में फेक दी जाती है। प्रशासन को इस दिशा में सख्त एक्शन लेना चाहिए, तभी हम इसे सुरक्षित रख पाएंगे।
मधुर कुमार शुक्ला, लहारपुर

'तालाबों में हो रही गंदगी पर ध्यान नहीं'

चाहे बड़ा तालाब हो या शाहपुरा झील अथवा छोटा तालाब, हर जगह स्थिति एक जैसी है। शाहपुरा झील में गंदगी मिल रही है, प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है। जलकुंभी भी तालाबों को खत्म कर रही है। इसके लिए भी ठोस प्रयास करने की जरूरत है।
वर्षा डिंगरे, शाहपुरा

'लोग भी अपनी जिम्मेदारी निभाएं'

बड़ा तालाब सहित सभी जल स्त्रोतों की स्थिति काफी दयनीय है। शासन प्रशासन को तो इस ओर ध्यान देना ही चाहिए, साथ ही लोगों का भी कर्त्तव्य है कि वे जलस्त्रोतों का संरक्षण करे। अक्सर देखने में आता है कि लोग गंदगी तालाबों में फेक देते है। तालाबों के संरक्षण के लिए हमे जिम्मेदारी नागरिक बनना होगा।
रोहित तिवारी, अरेरा हिल्स

'लापरवाही चिंता का विषय'

शहर के बड़े तालाब सहित जलस्त्रोतों को लेकर लापरवाही गंभीर चिंता का विषय है। तालाब की नियमित सफाई, गहरीकरण और अतिक्रमण हटाने के लिए कोई ठोस प्रयास नजर नहीं आते हैं। तालाब के आसपास अतिक्रमण बढ़ रहे हैं। इस ओर ध्यान देना जरूरी है, नहीं तो गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है।
विवेक साहू, किराना व्यापारी

'संरक्षण करना जरूरी'

शहर की पहचान यहां के बड़े तालाब से है, जो जलापूर्ति में भी महती भूमिका निभाता है। केवल शासन ही नहीं नागरिकों को भी अपनी जिम्मेदारी तय करनी चाहिए। जल स्त्रोतों को स्वच्छ और संरक्षित रखना सबकी भागीदारी है। इसके लिए मिलकर प्रयास करना जरूरी है।
जय कोंडलकर स्टूडेंट, कल्पना नगर

'अतिक्रमण और सीवेज रोकना जरूरी'

बड़ा तालाब सहित अन्य तालाबों के आसपास तेजी से अतिक्रमण हो रहा है, साथ ही सीवेज के जरिए जल स्त्रोतों में गंदगी मिल रही है। इसे लेकर हमने 2 साल पहले अभियान भी चलाया था, लेकिन फिर हालात वहीं हो रहे हैं। तालाब के आसपास जो भी बेजा कब्जे हुए हैं, उसे तत्काल हटाना चाहिए।
उमाशंकर तिवारी, बाग मुगालिया

'कैचमेंट को संरक्षित करना जरूरी'

बड़ा तालाब बहुत बड़े भूभाग पर फैला हुआ है, इसके कैचमेंट में बहुत सारे अतिक्रमण है, जिस पर सख्ती करने की जरूरत है। शहर के बड़े तालाब, कलियासोत के किनारे भी कई तरह के अवैध कब्जे हो गए हैं, जिसके लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है। इस दिशा में निगम प्रशासन को को ध्यान देना चाहिए।
अरुण पांडे, टीटी नगर

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Published on:
14 Feb 2026 08:59 pm
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