mp news: भोपाल मंडल रेल चिकित्सालय में 8वां पोषण पखवाड़ा संपन्न, गर्भवती महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर रहा जोर ।
mp news: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते जंक फूड के चलन और मोबाइल की लत के बीच स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से रेल चिकित्सालय में 8वां पोषण पखवाड़ा आयोजित हुआ। इस पखवाड़े का शुक्रवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ। 09 अप्रैल से 23 अप्रैल 2026 तक चले इस 15 दिवसीय अभियान के दौरान विभिन्न रचनात्मक और जनहितकारी गतिविधियों के माध्यम से रेल कर्मियों और उनके परिवारों को बेहतर खान-पान और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया गया। यह पूरा आयोजन मंडल रेल प्रबंधक (DRM) पंकज त्यागी के मार्गदर्शन एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) डॉ. अजय डोगरा के कुशल नेतृत्व में निष्पादित किया गया। समापन अवसर पर चिकित्सा विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि पोषण केवल पेट भरना नहीं, बल्कि शरीर को आवश्यक तत्व प्रदान करना है।
पखवाड़े के दौरान सबसे महत्वपूर्ण कड़ी गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के लिए आयोजित जागरूकता सत्र रहे। इन सत्रों में चिकित्सा विशेषज्ञों ने संतुलित आहार (Balanced Diet) के महत्व को रेखांकित किया। महिलाओं को बताया गया कि गर्भावस्था के दौरान आयरन, कैल्शियम और फोलिक एसिड युक्त प्राकृतिक भोजन क्यों आवश्यक है। साथ ही, शिशु के जन्म के तुरंत बाद 'शीघ्र स्तनपान' (Early Breastfeeding) के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी गई, जिसे शिशु का प्रथम टीकाकरण माना जाता है।
आज के दौर में बच्चों में बढ़ता 'स्क्रीन टाइम' (मोबाइल और टीवी की लत) एक गंभीर समस्या बन चुका है। मंडल रेल चिकित्सालय ने इस मुद्दे पर एक अनोखी पहल की। अभिभावकों को परामर्श दिया गया कि वे बच्चों को डिजिटल दुनिया से निकालकर शारीरिक गतिविधियों की ओर ले जाएं। ओपीडी परिसर में बच्चों के लिए पोस्टर प्रदर्शनी लगाई गई, जिसमें स्क्रीन टाइम कम करने के व्यावहारिक तरीके बताए गए।
सबसे आकर्षण का केंद्र रहा ओपीडी परिसर में आयोजित पारंपरिक खेलों का सत्र। यहां बच्चों को "लंगड़ी" जैसे पारंपरिक मैदानी खेल खिलाए गए। इसका उद्देश्य बच्चों को सक्रिय जीवनशैली के प्रति प्रेरित करना और यह समझाना था कि खेल-कूद न केवल मनोरंजन है, बल्कि शारीरिक विकास का आधार भी है।
रेल लाभार्थियों के बीच स्वास्थ्य संदेश प्रसारित करने के लिए अस्पताल प्रशासन द्वारा बड़ी संख्या में पेम्फलेट वितरित किए गए। इन पेम्फलेट्स में मौसमी फल, सब्जियों के फायदे और कुपोषण से बचाव के तरीके सरल भाषा में समझाए गए।
समापन समारोह में उपस्थित रेल कर्मचारियों और उनके परिजनों ने अस्पताल की इस पहल की प्रशंसा की। रेल लाभार्थियों का कहना था कि सामान्यतः अस्पतालों में केवल इलाज होता है, लेकिन भोपाल मंडल रेल चिकित्सालय ने निवारक स्वास्थ्य (Preventive Health) पर ध्यान देकर एक सराहनीय उदाहरण पेश किया है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक अजय डोगरा ने विश्वास दिलाया कि इस प्रकार के जागरूकता अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेंगे ताकि एक स्वस्थ रेल परिवार और सशक्त समाज का निर्माण हो सके।