MP News: प्रदेश के सोयाबीन किसानों के लिए बड़ी राहत का एलान होने जा रहा है। सरकार एक बार फिर भावांतर योजना के जरिए हजारों खातों में करोड़ों की राशि डालने वाली है।
Bhavantar Scheme: प्रदेश के किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य सरकार सोयाबीन उत्पादक किसानों को भावांतर योजना के तहत एक बार फिर बड़ी सौगात देने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) गुरुवार को मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सोयाबीन भावांतर राशि का भुगतान करेंगे। इस अवसर पर प्रदेश के करीब 1.17 लाख किसानों के बैंक खातों में लगभग 200 करोड़ रुपए की राशि चौथी किस्त के रूप में अंतरित की जाएगी। (MP News)
अब तक प्रदेश के कुल 7.10 लाख किसानों को भावांतर योजना के अंतर्गत करीब 1492 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। इनमें से तीन चरणों में लगभग 1300 करोड़ रुपए पहले ही वितरित किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री द्वारा आयोजित समारोहों के माध्यम से यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए किसानों तक पहुंचाई गई है।
मुख्यमंत्री मल्हारगढ़ प्रवास के दौरान क्षेत्र को विकास की सौगात भी देंगे। यहां करीब 69.50 करोड़ रुपए की लागत से विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन प्रस्तावित है। इससे स्थानीय अधोसंरचना, सड़क, पेयजल और अन्य नागरिक सुविधाओं को मजबूती मिलेगी।
इधर, अधिकारियों के अनुसार सोयाबीन भावांतर भुगतान का एक और बड़ा राज्य स्तरीय समारोह 29 जनवरी को प्रस्तावित है। यह कार्यक्रम विदिशा जिले के शमशाबाद में आयोजित किया जा सकता है, जिसमें मुख्यमंत्री प्रदेश के 7 लाख से अधिक किसानों के खातों में करीब 210 करोड़ रुपए की राशि अंतरित करेंगे। बताया गया है कि किसानों ने इस अवधि में प्रदेश की मंडियों में लगभग 17 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन का विक्रय किया है।
यह राशि उन किसानों को दी जाएगी, जिन्होंने 20 दिसंबर 2025 से योजना की समाप्ति तक मंडियों में सोयाबीन का विक्रय किया है। राज्य सरकार की इस पहल का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का लाभ सुनिश्चित कराना है। योजना के अंतर्गत मंडियों में फसल के औसत बाजार भाव के आधार पर एक मॉडल रेट तय किया गया, और एमएसपी तथा मॉडल रेट के बीच के अंतर की भरपाई सरकार द्वारा सीधे किसानों के खातों में की जा रही है। (MP News)