भोपाल

एमपी में लाखों लोगों की पेंशन का भुगतान शासन ने किया होल्ड

mp news: समग्र पोर्टल पर आधार ई-केवाईसी नहीं हो पाने के कारण शासन ने पेंशन होल्ड कर दी है...।
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Nov 13, 2025
MP pension
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mp news: मध्यप्रदेश में लाखों हितग्राहियों की पेंशन रूक गई है। पेंशन हितग्राहियों का समग्र पोर्टल पर आधार ई-केवाईसी नहीं हो पाने के कारण शासन ने पेंशन होल्ड कर दिया है। शासन के निर्देश थे कि इन होल्ड प्रकरणों का सत्यापन करें लेकिन समय पर सत्यापन नहीं हो पाने के कारण अभी तक हितग्राहियों को पेंशन का भुगतान नहीं हो पा रहा है। आयुक्त सामाजिक न्याय ने इस पर आपत्ति जताते हुए सत्यापन की डेड लाइन 30 नवंबर तय की है।

2,93,730 हितग्राहियों की पेंशन रुकी

सत्यापन न हो पाने के कारण जिन हितग्राहियों की पेंशन होल्ड की गई है उनकी संख्या 2 लाख 93 हजार 730 है। जानकारी के अनुसार 31 अगस्त को सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने उन पेंशन हितग्राहियों की पेंशन रोक दी थी जिनका समग्र पोर्टल पर आधार ई-केवाईसी नहीं हो सका है। इसके बाद 9 सितंबर को सभी जिलों के उप संचालकों को निर्देशित किया गया कि जिन हितग्राहियों के पेंशन प्रकरण होल्ड हैं उनका सत्यापन किया करके पेंशन पोर्टल में अपडेट किया जाए। लेकिन 10 नवंबर को समीक्षा में पाया गया कि सिर्फ 63063 हितग्राहियों का ही सत्यापन हो सका है। जो लक्क्ष्य का 21.47 फीसदी है। इस पर आयुक्त सामाजिक न्याय ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा है कि जिला स्तर पर उप संचालकों द्वारा लापरवाही की जा रही है।

सत्यापन की गति धीमी

9 सितंबर को होल्ड 2,93,730 प्रकरणों के सत्यापन के निर्देश दिए गए थे। 10 नवंबर की स्थिति में 63063 सत्यापन हो सके। अर्थात 2,30,667 प्रकरणों का सत्यापन हो सका है। 10 नवंबर तक की स्थिति में सत्यापन की जो गति थी उसके अनुसार प्रतिदिन औसत 700 सत्यापन हुए हैं। इस लिहाज से 30 नवंबर तक अर्थात 20 दिन में इसी गति से काम होने पर 14 हजार सत्यापन और हो सकेंगे। अभी तक जो सत्यापन हुआ है उसमें से 12657 (4.31 फीसदी) हितग्राही पेंशन के पात्र पाए गए हैं और इन्हें पेंशन पोर्टल पर जोड़ा जा सकता है। 4792 (1.63 फीसदी) हितग्राही अपात्र पाए गए हैं। 5578 (1.90 फीसदी) हितग्राहियों का निधन हो चुका है। 15145 (5.16 फीसदी) हितग्राही अन्यत्र चले गए हैं। 23378 (7.96 फीसदी) हितग्राही पात्र तो मिले हैं लेकिन इनका ई-केवाईसी नहीं हुआ है। 1513 हितग्राही ऐसे मिले है जिनके नाम दो बार जुड़े हुए हैं।

Updated on:
13 Nov 2025 10:21 pm
Published on:
13 Nov 2025 10:21 pm