mp news: रिटायर्ड कर्मचारी से EWS मकान के लीज नवीनीकरण के बदले में रिश्वत मांग रहा था डाटा एंट्री ऑपरेटर।
mp news: मध्यप्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। लगभग हर दूसरे दिन कहीं न कहीं लोकायुक्त रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ रही है लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल का है जहां हाउसिंग बोर्ड के डाटा एंट्री ऑपरेटर को लोकायुक्त की टीम ने रिश्वत लेते हुए मंगलवार को रंगेहाथों पकड़ा है।
मध्यप्रदेश का राजधानी भोपाल में जवाहर चौक स्थित मध्य प्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल (हाउसिंग बोर्ड) कार्यालय में मंगलवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब यहां लोकायुक्त की टीम ने डाटा एंट्री ऑपरेटर को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा। संपदा शाखा प्रक्षेत्र-एक में पदस्थ आउटसोर्स डाटा एंट्री ऑपरेटर ज्ञानेंद्र कुमार पटेल ने रिटायर्ड कर्मचारी दूधनाथ शुक्ला निवासी सुल्तानाबाद, भोपाल से उसके EWS मकान की लीज बढ़ाने के एवज में 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग कर रहा था। पैसे न दिए जाने पर डाटा एंट्री ऑपरेटर काम को टाल रहा था जिससे परेशान होकर फरियादी रिटायर्ड कर्मचारी दूधनाथ शुक्ला ने लोकायुक्त कार्यालय भोपाल में शिकायत दर्ज कराई थी।
लोकायुक्त की टीम फरियादी दूधनाथ शुक्ला की शिकायत की जांच की और शिकायत सही पाए जाने पर मंगलवार को रिश्वत की पहली किस्त के तौर पर 5 हजार रुपये देने के लिए रिश्वतखोर डाटा एंट्री ऑपरेटर ज्ञानेंद्र कुमार पटेल के पास भेजा। हाउसिंग बोर्ड के दफ्तर में जैसे ही रिश्वतखोर डाटा एंट्री ऑपरेटर ने फरियादी दूधनाथ शुक्ला से रिश्वत के 5 हजार रुपये लिए तो सादे कपड़ों में मौजूद लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगेहाथों धरदबोचा। पुलिस महानिदेशक, विशेष पुलिस स्थापन (लोकायुक्त संगठन) योगेश देशमुख के निर्देश और उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज कुमार सिंह के मार्गदर्शन में पुलिस अधीक्षक दुर्गेश राठौर के नेतृत्व में ट्रैप टीम गठित की गई।
इससे पहले सोमवार को लोकायुक्त की टीम ने मध्यप्रदेश के सीधी में भी कार्रवाई करते हुए रिश्वत लेते हुए एक पटवारी को रंगेहाथों पकड़ा था। सीधी जिले की गोपद बनास तहसील अंतर्गत हल्का पटवारी मिर्चवार के पटवारी मुनेंद्र सिंह भदोरिया को पांच हजार की रिश्वत लेते रीवा लोकायुक्त की टीम ने रंगेहाथों पकड़ा था। आरोपी पटवारी वारिसनामा और नामांतरण करने के एवज में 50 हजार रिश्वत की मांग कर रहा था, आरोप है कि पटवारी रिश्वत के 25 हजार पहले ले चुका था।