भोपाल

आउटसोर्स कर्मियों के लिए बड़ी खबर, सरकार ला रही नया सिस्टम, सीधे बैंक खाते में आएगा वेतन

MP Outsource Recruitment: मध्य प्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया बदलने की तैयारी है। अब जेम पोर्टल से टेंडर होंगे और कर्मचारियों का वेतन सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर करने की योजना का खाका तैयार...

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Mar 11, 2026
madhya pradesh outsourced employees (फोटो सोर्स : पत्रिका)

MP Outsource Recruitment: मध्य प्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य सरकार ऐसी व्यवस्था लाने की तैयारी कर रही है, जिसमें आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती के लिए टेंडर प्रक्रिया जेम पोर्टल (GeM Portal) के माध्यम से ऑनलाइन की जाएगी। वहीं कर्मचारियों का वेतन भी सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाएगा।

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नई व्यवस्था का ड्राफ्ट तैयार

उद्योग एवं एमएसएमई विभाग इस नई व्यवस्था का ड्राफ्ट भी तैयार कर लिया है। जल्द ही ये प्रस्ताव एमपी कैबिनेट में पेश किया जाएगा। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो प्रदेश के हजारों आउटसोर्स कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा। वहीं भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता भी आएगी।

बदलाव की जरूरत क्यों?

प्रदेश के सरकारी विभागों और निगम मंडलों में बड़ी संख्या में कर्मचारी आउटसोर्स व्यवस्था के जरिए काम कर रहे हैं। अभी तक निजी एजेंसियों के माध्यम से भर्ती (MP Outsource Recruitment) और भुगतान की व्यवस्था की जाती रही है। इस दौरान कई बार कर्मचारियों ने आरोप लगाए हैं कि उन्हें तय वेतन से कम राशि मिलती है। एजेंसियां अपना कमीशन उनके वेतन से काट लेती हैं। नई व्यवस्था के तहत सरकार इन शिकायतों को खत्म करने के लिए डिजिटल और पारदर्शी सिस्टम लागू करना चाहती है। इसीलिए इस बदलाव की जरूरत पड़ी है।

नई व्यवस्था में क्या-क्या बदलेगा? (MP Outsource Recruitment)

  • इस नई व्यवस्था के तहत भर्ती के लिए टेंडर प्रक्रिया जेम पोर्टल से होगी
  • कर्मचारियों का वेतन सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर होगा।-ईपीएफ, ईएसआई और श्रम कानूनों का पालन अनिवार्य होगा।
  • एजेंसियों की ओर की ओर से कमीशन या फीस लेने पर रोक का प्रावधान होगा
  • शिकायतों के समाधान के लिए अलग से व्यवस्था बनाई जाएगी।

प्रदेश में कितने आउटसोर्स कर्मचारी?

सरकारी अनुमान के मुताबिक प्रदेशभर के विभिन्न विभागों, निगमों और स्थानीय निकायों में एक लाख से ज्यादा कर्मचारी आउटसोर्स व्यवस्था से काम कर रहे हैं।

कई जिलों में पहले भी सामने आ चुकी हैं शिकायतें

आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती और वेतन को लेकर कई जिलों से पहले भी विवाद और शिकायतें सामने आ चुकी हैं।

रीवा में स्वास्थ्य विभाग की भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठे थे।

ग्वालियर में कर्मचारियों ने एजेंसियों पर वेतन में कटौती करने के आरोप लगाए, इसके विरोध में कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन भी किए।

विदिशा में कर्मचारियों ने सरकार से सीधे भुगतान की मांग की थी। बता दें कि इन विवाद, शिकायतों, प्रदर्शन और मांग के बाद सरकार पर भर्ती प्रक्रिया में सुधार का दबाव बढ़ गया था।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

मामले में प्रशासनिक स्तर के एक्सपर्ट्स का कहना है कि यदि यह बदलाव हुआ और टेंडर प्रक्रिया (MP Outsource Recruitment) पूरी तरह से डिजिटल कर दी जाती है, भुगगात सीधे कर्मचारियों को मिलना शुरू हो जाता है, तो इससे भ्रष्टाचार और बिचौलियों की भूमिका भी कम हो सकती है। हालांकि यह भी जरूरी है कि सरकार इन एजेंसियों की जवाबदेही तय करे, ताकि सेवा शर्तों का सही तरीके से पालन हो सके।

अब आगे क्या?

फिलहाल यह प्रस्ताव कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार कर रहा है। मंजूरी मिलने का बाद नई व्यवस्था लागू होने पर प्रदेश की आउटसोर्स भर्ती प्रणाली में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।

जानें आउटसोर्स कर्मचारियों की क्या मांगें?(MP Outsource Recruitment)

  • समान काम के लिए समान वेतन
  • स्थायी कर्मचारियों जैसी सामाजिक सुरक्षा
  • वेतन समय पर मिले और वो भी बिना किसी कटौती के

नई व्यवस्था (MP Outsource Recruitment) के संभावित असर क्या?

पारदर्शिता बढ़ेगी, वेतन कटौती की शिकायतें खत्म होंगी और भर्ती प्रक्रिया ज्यादा डिजिटल और नियंत्रित होगी

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Published on:
11 Mar 2026 09:35 am
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