MP Outsource Recruitment: मध्य प्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया बदलने की तैयारी है। अब जेम पोर्टल से टेंडर होंगे और कर्मचारियों का वेतन सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर करने की योजना का खाका तैयार...
MP Outsource Recruitment: मध्य प्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य सरकार ऐसी व्यवस्था लाने की तैयारी कर रही है, जिसमें आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती के लिए टेंडर प्रक्रिया जेम पोर्टल (GeM Portal) के माध्यम से ऑनलाइन की जाएगी। वहीं कर्मचारियों का वेतन भी सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाएगा।
उद्योग एवं एमएसएमई विभाग इस नई व्यवस्था का ड्राफ्ट भी तैयार कर लिया है। जल्द ही ये प्रस्ताव एमपी कैबिनेट में पेश किया जाएगा। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो प्रदेश के हजारों आउटसोर्स कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा। वहीं भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता भी आएगी।
प्रदेश के सरकारी विभागों और निगम मंडलों में बड़ी संख्या में कर्मचारी आउटसोर्स व्यवस्था के जरिए काम कर रहे हैं। अभी तक निजी एजेंसियों के माध्यम से भर्ती (MP Outsource Recruitment) और भुगतान की व्यवस्था की जाती रही है। इस दौरान कई बार कर्मचारियों ने आरोप लगाए हैं कि उन्हें तय वेतन से कम राशि मिलती है। एजेंसियां अपना कमीशन उनके वेतन से काट लेती हैं। नई व्यवस्था के तहत सरकार इन शिकायतों को खत्म करने के लिए डिजिटल और पारदर्शी सिस्टम लागू करना चाहती है। इसीलिए इस बदलाव की जरूरत पड़ी है।
सरकारी अनुमान के मुताबिक प्रदेशभर के विभिन्न विभागों, निगमों और स्थानीय निकायों में एक लाख से ज्यादा कर्मचारी आउटसोर्स व्यवस्था से काम कर रहे हैं।
आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती और वेतन को लेकर कई जिलों से पहले भी विवाद और शिकायतें सामने आ चुकी हैं।
रीवा में स्वास्थ्य विभाग की भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठे थे।
ग्वालियर में कर्मचारियों ने एजेंसियों पर वेतन में कटौती करने के आरोप लगाए, इसके विरोध में कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन भी किए।
विदिशा में कर्मचारियों ने सरकार से सीधे भुगतान की मांग की थी। बता दें कि इन विवाद, शिकायतों, प्रदर्शन और मांग के बाद सरकार पर भर्ती प्रक्रिया में सुधार का दबाव बढ़ गया था।
मामले में प्रशासनिक स्तर के एक्सपर्ट्स का कहना है कि यदि यह बदलाव हुआ और टेंडर प्रक्रिया (MP Outsource Recruitment) पूरी तरह से डिजिटल कर दी जाती है, भुगगात सीधे कर्मचारियों को मिलना शुरू हो जाता है, तो इससे भ्रष्टाचार और बिचौलियों की भूमिका भी कम हो सकती है। हालांकि यह भी जरूरी है कि सरकार इन एजेंसियों की जवाबदेही तय करे, ताकि सेवा शर्तों का सही तरीके से पालन हो सके।
फिलहाल यह प्रस्ताव कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार कर रहा है। मंजूरी मिलने का बाद नई व्यवस्था लागू होने पर प्रदेश की आउटसोर्स भर्ती प्रणाली में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
पारदर्शिता बढ़ेगी, वेतन कटौती की शिकायतें खत्म होंगी और भर्ती प्रक्रिया ज्यादा डिजिटल और नियंत्रित होगी