
Madhya Pradesh Police Promotion- मध्यप्रदेश पुलिस देश की सबसे अच्छी पुलिस फोर्स में शामिल है। हमारे पुलिस अधिकारियों ने जो भी काम मिला, उसे उत्कृष्ट तरीके से सम्पन्न किया है। चंबल अंचल से दस्यु समस्या को खत्म किया और मध्यप्रदेश के सबसे पहले नक्सलवाद की समस्या से मुक्त कराया। पुलिस अपनी ड्यूटी निभाए, सरकार आपके परिवार के लिए अपने दायित्वों का निर्वहन करेगी।'
यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार 10 अगस्त को रवींद्र भवन में कही। वे मध्यप्रदेश पुलिस में नई भर्ती और पदोन्नति के लिए आयोजित 'आभार प्रदर्शन समारोह' को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में उन्होंने नवीन भर्ती में चयनित पुलिसकर्मियों को नियुक्ति पत्र बांटे,पदोन्नत अधिकारियों-कर्मचारियों को बैज लगाए। इस मौके पर उन्होंने अहम घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि खंडवा जिले में नई पुलिस बटालियन की स्थापना की जाएगी। राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल के रूप में तीन नई बटालियन बनाई जाएंगी। नई बटालियनों में अति पिछड़ी जातियों, बैगा, भारिया, सहरिया कंपनियां शामिल होंगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस परंपरा में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल जैसे अनेकों नाम हैं, जो सेवानिवृत्ति के बाद भी देश की सेवा कर रहे हैं। डोभाल ने राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूती प्रदान करने के लिए जो कार्य किए हैं, वो कोई नहीं कर सकता है। कभी जिस समस्या से भारत परेशान रहता था, अब उससे हमारे पड़ोसी देश परेशान हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पुलिस विभाग के 58 संवर्गों में रिकॉर्ड 27 हजार 534 अधिकारी और कर्मचारियों को भी पदोन्नति का लाभ दिया है। लेकिन, इस बात का मलाल भी है कि इस प्रक्रिया को लागू करते-करते लगभग 20 हजार पुलिसकर्मी सेवानिवृत्त हो गए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2023 से अब तक विभिन्न संवर्गों में 14 हजार 704 से अधिक अभ्यर्थियों का चयन किया जा चुका है। पुलिस बैंड और एकएसएल की भर्ती भी अंतिम दौर में है। वर्ष 2026 में भी विभिन्न पदों पर 9 हजार 751 पुलिसकर्मियों की भर्ती के लिए मंजूरी दी गई है। हमारी कोशिश है कि आगामी 2 सालों में आरक्षक और सब इंस्पेक्टर के जितने पदों पर भर्ती शेष है, उसे भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने कहा कि सब इंस्पेक्टर और सूबेदार के पदों पर भर्ती के लिए 2025 में नए नियम तैयार किए गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 7500 नए पदों पर भर्ती प्रक्रिया को मंजूरी प्रदान की है। 2025 में मंजूर किए गए सिपाही, सूबेदार और सब इंस्पेक्टर पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूर्ण हो रही है। इस वर्ष 9662 विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए स्वीकृति मिली है। आजादी के बाद से नक्सलवाद देश के लिए आंतरिक सुरक्षा की सबसे बड़ी समस्या थी।
प्रदेश की हॉक फोर्स में 325 पद और विशेष सहयोगी दस्ते में भी 882 पदों पर भर्ती की गई है। इन्हीं प्रयासों से मध्यप्रदेश सबसे पहले नक्सलवाद से मुक्त होने वाला राज्य बना है।
पुलिस विभाग में अनुशासन का बड़ा महत्व है। परेड से अनुशासन बढ़ता है। इसके लिए बैंड दस्ते में भर्ती प्रक्रिया चल रही है। सभी इकाइयों को जल्द ही पुलिस बैंड उपलब्ध होगा।
नवीन आपराधिक कानूनों को लागू कराने में एफएसएल का बड़ा महत्व है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एफएसएल में नई भर्ती के लिए भी स्वीकृति प्रदान की।
सिंहस्थ 2028 प्रदेश का एक मेगा इवेंट होगा। पूरे देश से श्रद्धालु उज्जैन आएंगे। पिछले दो वर्षों में पुलिस विभाग ने 18 हजार से अधिक पदों पर नई नियुक्तियां की हैं। उन्होंने कहा कि यह पुलिस बल प्रशिक्षण के बाद सिंहस्थ ड्यूटी के लिए उपलब्ध होगा।
पुलिस विभाग में सालों से लंबित पदोन्नति की सौगात मिलने से अधिकारी और कर्मचारियों का मनोबल बढ़ा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस में सबसे अधिक 27 हजार से अधिक प्रमोशन हुए हैं।