
NLIU- जब हर कोई अच्छी नौकरी के परेशान हो रहा है, बड़ी बड़ी डिग्रियां भी कोई काम नहीं आ रहीं हैं तब एक ऐसा कोर्स भी है जोकि युवाओं को तुरंत जॉब दिला रहा है। हाल ये है कि कोर्स करनेवाले मध्यप्रदेश के 80 प्रतिशत स्टूडेंट को नौकरी मिल गई है, उन्हें बड़ी कंपनियों से जॉब के अच्छे ऑफर आए हैं। यही कारण है कि राष्ट्रीय विधि संस्थान विश्वविद्यालय, एनएलआइयू NLIU के इस कोर्स के एमपी के स्टूडेंट मुरीद हो गए हैं। कानून के विद्यार्थी अच्छे जॉब ऑफर के लिए कोर्स करने को बेताब दिख रहे हैं।
भोपाल के राष्ट्रीय विधि संस्थान विश्वविद्यालय (एनएलआइयू) का मास्टर ऑफ साइबर लॉ एंड इ्रन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी (एमसीएलआइएस) MCLIS कार्यक्रम विद्यार्थियों की पहली पसंद बन गया है। एनएलआइयू के साइबर लॉ के छात्रों को अच्छा प्लेसमेंट मिला है जिसके कारण यह पसंदीदा कोर्स में शुमार हो गया है।
राष्ट्रीय विधि संस्थान विश्वविद्यालय (एनएलआइयू) के अधिकारियों, प्रोफेसर्स और विधि विशेषज्ञों के अनुसार आंकड़े इस तथ्य की पुष्टि करते हैं। अभी 2024-26 बैच की प्लेसमेंट प्रक्रिया जारी है। एनएलआइयू अधिकारियों के मुताबिक अब तक 80 प्रतिशत विद्यार्थियों को अच्छी नौकरी के ऑफर मिल चुके हैं।
ग्लोबल साइबर सिक्योरिटी ऑडिट कंपनी ए-लिग्न ने सात छात्रों का चयन करते हुए 11 लाख रुपए से अधिक का सालाना पैकेज ऑफर किया है। वहीं केपीएमजी ने अब तक 17 विद्यार्थियों का चयन किया है और भर्ती प्रक्रिया अभी भी जारी है।
इस बार वे-स्टोन, इवोल्वेंट, ए्प्लायंस, साइबरट्यूब, गो-ट्रस्ट, सारो और मिटिगाटा जैसी कंपनियां भी कैंपस प्लेसमेंट में शामिल हुई हैं। कंपनियों का कहना है कि डेटा प्राइवेसी, साइबर सिक्योरिटी और रेग्युलेटरी कंप्लायंस की बढ़ती जरूरतों के कारण ऐसे प्रोफेशनल्स की मांग तेजी से बढ़ रही है, जिन्हें कानून और तकनीक दोनों की समझ हो।
एमसीएलआईएस के छात्रों पर कंपनियां मेहरबान दिखती हैं। पिछले वर्ष तो यहां के कानून के दो विद्यार्थियों को 27 लाख रुपए वार्षिक का पैकेज दिया गया था।
बता दें कि नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी भोपाल ( एनएलआईयू भोपाल) एक सार्वजनिक विधि विद्यालय और राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय है। राज्य सरकार द्वारा सन 1997 में स्थापित यह राष्ट्रीय विधि विद्यालय देश के सबसे प्रतिष्ठित और सर्वश्रेष्ठ विधि विद्यालयों में शुमार है। विश्वविद्यालय ने 1998 में अपना पहला शैक्षणिक कार्यक्रम शुरू किया, जिसके निदेशक विख्यात भारतीय न्यायविद वीएस रेखी थे। विश्वविद्यालय कॉमन लॉ प्रवेश परीक्षा के माध्यम से बीए एलएलबी पाठ्यक्रम के लिए प्रति वर्ष 100 से ज्यादा उम्मीदवारों और बीएससी एलएलबी पाठ्यक्रम के लिए उम्मीदवारों को प्रवेश देता है। विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम मास्टर ऑफ लॉ (एलएलएम) डिग्री और मास्टर ऑफ साइबर लॉ एंड इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी (एमसीएलआईएस) डिग्री की दी जा रहीं हैं।