MP Transco- एमपी ट्रांसको में ‘जीरो एक्सीडेंट पॉलिसी’, मोबाइल का उपयोग वर्जित
MP Transco - मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी यानि एमपी ट्रांसको ‘जीरो एक्सीडेंट पॉलिसी’ पर काम कर रही है। इसे अपनी कार्य संस्कृति का अभिन्न अंग बना लिया है। कंपनी ने सभी सब स्टेशनों एवं ट्रांसमिशन लाइनों पर मेंटेनेंस कार्य से पूर्व सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल का अनिवार्य पालन सुनिश्चित किए जाने की पहल की है। इसके लिए अनेक कवायदें की जा रहीं हैं। इसके अंतर्गत प्रदेशभर में काम के दौरान कर्मचारियों के मोबाइल के इस्तेमाल पर पाबंदी लगा दी गई है। मोबाइल फोन को इंचार्ज के जमा कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार इससे कर्मचारी पूर्ण सजगता और आत्मविश्वास के साथ कार्य कर सकेंगे।
एमपी ट्रांसको की ‘जीरो एक्सीडेंट पॉलिसी’ में मेंटेनेंस कार्य प्रारंभ करने से पहले संबंधित तकनीकी स्टाफ द्वारा सिंगल लाइन डायग्राम तैयार कर संभावित जोखिमों का आकलन किया जाता है। टीम को जरूरी तकनीकी जानकारी भी प्रदान की जाती है। इसके साथ ही ‘पेप टॉक’ के माध्यम से सुरक्षा मानकों, लाइव उपकरणों की स्थिति, कार्य क्षेत्र की संवेदनशीलता और आवश्यक सावधानियों पर विस्तार से चर्चा की जाती है।
कार्य के दौरान एकाग्रता बनाए रखने के उद्देश्य से मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर पूर्णत: पाबंदी लगा दी गई है। कर्मचारियों के मोबाइल, कंट्रोल रूम शिफ्ट इंचार्ज अथवा संबंधित सुपरवाइजर के पास सुरक्षित रूप से जमा कराए जाते हैं। कंपनी अधिकारियों के अनुसार यह प्रयास न केवल दुर्घटनाओं की संभावना को न्यूनतम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि सुरक्षित और जिम्मेदार कार्य संस्कृति को भी सुदृढ़ कर रहा है।
कार्य प्रारंभ से पूर्व संबंधित क्षेत्र को विधिवत अर्थिंग से जोड़ने तथा सुरक्षा मानकों की दोहरी पुष्टि की व्यवस्था भी अनिवार्य रूप से की जा रही है। इसके अतिरिक्त, मेंटेनेंस टीम के लीडर को रोटेशन में बदलने की पहल से कर्मचारियों में नेतृत्व क्षमता, उत्तरदायित्व बोध एवं टीम भावना का विकास हो रहा है।