
MP Transfer: पटवारियों को गृह तहसील में नौकरी करने के अवसर नहीं मिलेंगे। यदि किसी जिले से होकर नए जिले में जाते हैं तो वरिष्ठता गंवानी पड़ेगी। यानी पूर्व में जिस जिले में पदस्थ थे, वहां की वरिष्ठता नए जिले में पदस्थापना लेने के बाद खत्म हो जाएगी और वरिष्ठता क्रम नए जिले वाला लागू होगा। ये प्रावधान पटवारियों के लिए तय संविलियन नीति में किए हैं, जो कि शुक्रवार देर रात जारी की है। मध्य प्रदेश की नई ट्रांसफर पॉलिसी के तहत 15 जून तबादले की अंतिम तारीख है, राजस्व विभाग ने इसके ठीक तीन दिन पहले संविलियन नीति जारी की है। उक्त नीति में कई बातों का समावेश है।
राजस्व अधिकारियों ने नीति जारी करने के पीछे बताया कि पटवारी जिला संवर्ग का पद है, इसलिए अलग से संविलियन नीति जारी की जा रही है। हालांकि यह भी कहा है कि पटवारी परीक्षा 2022 का परिणाम घोषित होने से पहले नियुक्त पटवारी ही अंतर जिला संविलियन के लिए पात्र होंगे। 2022 की परीक्षा पास कर नियुक्त हुए पटवारियों के लिए कुछ परिस्थितियों में रियायतें भी दी गई हैं।
जिन पटवारियों का संविलियन होता है, यदि उन पर परिवीक्षा अवधि लागू है, तो उसका निराकरण नए जिले में पदस्थापना के बाद ही होगा। पूर्व के जिलों के नियमों का भी इसमें पालन किया जाएगा। जिस जिले में संविलियन चाहा गया है, वहां पद रिक्त होने की स्थिति में ही संविलियन होगा। आरक्षण के प्रावधानों व जिला आरक्षण रोस्टर के परिपालन में ही संविलियन होगा। आदेश जारी होने के 15 दिन के भीतर जॉइन करना होगा।
-आयुक्त भू-संसाधन प्रबंधन मध्यप्रदेश पर ऑनलाइन आवेदन करने होंगे। आवेदन में जो भी जानकारी मांगी गई है, वह ठीक से देनी होगी, अलग से कोई दस्तावेज की जरुरत नहीं होगी।
- जिन पटवारियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज है, उनके तबादले नहीं होंगे।
- संविलियन संबंधी आदेश आयुक्त भू-संसाधन प्रबंधन मप्र द्वारा जारी किए जाएंगे।
-यदि पटवारी पति-पत्नी है और संबंधित जिले में पद खाली हैं, तो ही आवेदन करने के पात्र होंगे।
- विवाहित महिला, विधवा, तलाकशुदा, परित्यकता महिला पटवारी भी आवेदन कर सकेंगी।
- जो पटवारी गंभीर श्रेणी में आने वाली बीमारियों से पीड़ित हैं, वे भी स्थान रिक्त होने पर आवेदन कर सकेंगे।
- आपसी सहमति के आधार पर जो आवेदन मिलेंगे, उस आधार पर भी तबादले किए जा सकेंगे।