योध्या फैसले पर मुस्लिम समाज सहमत, वीडियो में देखें कि, मध्य प्रदेश के उलेमाओं ने प्रदेश समेत देशभर में अमन, भाईचारा और प्रेम की अपील की।
भोपाल/ आयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद जहां एक तरफ देशभर ने इस फैसले को कुबुल करते हुए शांति और सद्भावना की मिसाल पैश की है। वहीं, मध्य प्रदेश के उलेमाओं ने एक बार फिर सभी लोगों से कोर्ट के फैसले को कुबूल करते हुए अमनो अमान कायम करने की अपील की है। प्रदेश के इन सभी उलेमाओं ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को सर्वोपरि और न्यायपूर्ण माना है। साथ ही, लोगों से अपील की है कि, हमें किसी तरह के बहकावे में नहीं आते हुए इस संबंध में अमनो अमान की मिसाल पैश करनी है।
पढ़ें ये खास खबर- बुजुर्गों के लिए खुशखबरी, किसी भी दुकान से खरीदें सस्ता सामान
काजी ए शहर भोपाल ने की ये अपील
मोलवी मुश्ताक अली नदवी ने शहर समेत सूबे और देशभर के लोगों से संबोधित करते हुए कहा कि, जैसा कि फैसला आने से पहले भी कहा जा चुका है और अब एक बार फिर इसे दौहराते हुए कह रहे हैं कि, सुप्रीम कोर्ट की ओर से जो फैसला आया है। उसके बाद हमें भाईचारे की एक मिसाल पैश करनी है। काजी साहब ने लोगों से अपील की है कि, इस बात का खास ध्यान रखा जाए कि, ऐसा कोई काम नहीं किया जाए जिससे देशभर में कहीं भी अमनो अमान भाईचारे की सूरत बिगड़े। काजी साहब ने कहा कि, सबसे बुनियादी चीज शांति, अमन और भाईचारा है।
भारत ने पूरी दुनिया के सामने पेश की कौमी एकता की मिसाल
और ऑल इंडिया मिल्ली काउंसिल जैसी तमाम तनजीमों ने देश में अमनो अमान कायम रखने की अपील की है। मुफ्ती अता उर रहमान ने हिन्दू समाज के सरपरस्तों से धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि, जिस तरह मुसलमानों से अमन कायम रखने की गई उसी तरह हिन्दू समाज ने भी शांति स्तापित रखने, देश की गंगा-जमनी तहजीब को बरकरार रखते हुए मुस्लिम भाइयों को तकलीफ पहुंचाने वाली बातें नहीं की। इससे हमने पूरी दुनिया में एक देशवासी होने मिसाल पेश की है।
'ये हार-जीत का फैसला नहीं, बल्कि दशकों से चले आ रहे मसले का हल'
मध्य प्रदेश के मुफ्ती ए आजम मोलवी हामिद अहमद सिद्दीकी ने कहा कि, सुप्रीम कोर्ट द्वार लिया गया ये फैसला पूरे हिन्दुस्तान की अवाम के लिए काबिले कुबूल होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि, ये कोई हार या जीत का फैसला नहीं है बल्कि दशकों से चले आ रहे मसले का हल है। उन्होंने कहा कि, सुप्रीम कोर्ट द्वारा लिया गया ये फैसला बड़ा ही बेलेंस फैसला है। इस फैसले के उलट किसी तरह की दलील देने की कोई गुंजाइश नहीं है। हमें ये सोचना चाहिए कि, इस फैसले से हमारे बीच का तनाव खत्म होगा ये सबसे बड़ी बात है। उन्होंने ये भी कहा कि, आयोध्या अब कोई मसला नहीं रह गया है। सुप्रीम कोर्ट ने इसका हल निकाल दिया है। हमें भी इस फैसले को खुशी के साथ कुबूल करना चाहिए।