
RGPV Bhopal :मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) में भी नीट परीक्षा से मिलता जुलता एक हैरान करने वाला कांड सामने आया है। शुक्रवार को यहां पॉलिटेक्निक के फिजिक्स विषय की प्रदेशभर में परीक्षा थी। लेकिन, परीक्षार्थियों को केमेस्ट्री का पेपर थमा दिया गया। छात्रों द्वारा विरोध दर्ज कराते हुए मामला उठाए जाने के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन को इसका पता चला। बाद में प्रदेशभर के परीक्षा केंद्रों में पेपर की सॉफ्ट कॉपी भेजी गई, जिससे प्रिंट कर फिजिक्स का पेपर दिया गया। बताया जा रहा है कि, इस पूरे घटनाक्रम में एक घंटे परीक्षा प्रभावित हुई।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को आरजीपीवी द्वारा पॉलिटेक्निक डिप्लोमा एक्स के छात्रों के लिए फिजिक्स विषय की परीक्षा आयोजित की गई थी। इसमें प्रदेशभर के 700 परीक्षार्थियों ने हिस्सा लिया। लेकिन, परीक्षार्थियों को फिजिक्स की जगह केमेस्ट्री का पेपर बांट दिया गया, जिसे पाते ही कुछ छात्रों ने उसे हल करना भी शुरू कर दिया। फिर उन्हें याद आया कि, वे तो फिजिक्स की तैयारी करके आए हैं और इसी का पेपर होना है।
इस पर परीक्षार्थियों ने वीक्षकों के समक्ष ये मामला उठाते हुए आपत्ति जताई। तो टाइम टेबिल चेक करके वो भी सन्न रह गए। आनन - फानन में इसकी सूचना आरजीपीवी प्रशासन को दी गई तो उसने प्रतीक्षा की बात कहते हुए परीक्षा रुकवा दी। फिर आरजीपीवी से फिजिक्स विषय के पेपर की सॉफ्ट कॉपी संबंधित सेंटरों को भेजी और प्रिंट कर उसे बांटने के आदेश दिए।
बताया गया है कि, विश्वविद्यालय की इस गफलत के चलते एक घंटे तक परीक्षा रुकी रही और केंद्रों पर अफरा - तफरी का आलम रहा। दोबारा प्रश्न पत्र बांटते हुए परीक्षा शुरू कराई गई और परीक्षार्थियों को एक घंटे अतिरिक्त समय दिए गए। आरजीपीवी प्रशासन का दावा है कि, हर विषय के प्रश्न पत्र के तीन सेट तैयार किए जाते हैं। इसलिए जिस सेट का पेपर लीक हुआ है, उसे निरस्त कर दिया गया है। हालांकि, इस घटना ने एक बार फिर आरजीपीवी की परीक्षा प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इससे पहले ग्वालियर में फार्मेसी परीक्षा का पेपर सोशल मीडिया पर लीक होने का मामला भी सामने आया था। इस पर एफआईआर दर्ज होने के साथ ही विवाद कोर्ट तक पहुंच गया था। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं और विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही से छात्रों और अभिभावकों में विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी बढ़ रही है।