
भोपाल। एक ओर जहां कोरोना संक्रमण (coronavirus) की दूसरी लहर कोहराम मचा रही है, वहीं कुछ ऐसे भी लोग हैं, जो अपनी और अपने परिवार की फिक्र किए बगैर लगातार कोरोना मरीजों की देखभाल कर रहे हैं। ये कोरोना वॉरियर्स सेवा की मिसाल पेश कर रहे हैं। हम बात कर रहे हैं हमीदिया अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ की। कोई गार्भवस्था के बावजूद काम कर रही है, तो किसी ने पति को खो दिया, तो किसी के परिजन गंभीर बीमार हैं। इसके बावजूद ये नर्से मरीजों के लिए फरिश्ता बनकर इंसानियत का उदाहरण भी पेश कर रही हैं।
परिवार की तरह निभा रही जिम्मेदारी
कॉर्डियक आइसीयू में पदस्थ का सिस्टर जया दास सात माह की गर्भवती हैं। इसके बावजूद वह लगातार ड्यूटी कर रही हैं। इस बीच उनके पति साधन कुमार कोरोना संक्रमित हो गए। इसके बावजूद जया दास का मरीजों के प्रति लगाव कम नहीं हो रहा। वे बताती हैं परिवार के साथ मरीज भी उनका परिवार ही है। उनकी जिम्मेदारी भी परिवार की तरह ही निभानी पड़ती है।
गांव में मां को कैंसर, यहां मरीजों की सेवा
नर्स प्रीति लगातार कोविड ड्यूटी कर रही हैं। गांव में उनकी मां कैंसर से जूझ रही हैं। कोरोना के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती नहीं कराया जा सका। इसके बावजूद प्रीति मरीजों की सेवा में जुटी हैं। घर पर तो मां की सेवा के लिए परिवार है, लेकिन मरीजों के लिए तो हम ही हैं।
परिवार पॉजिटिव, रोजा रखकर ड्यूटी का फर्ज
सैययदा असगर खान के परिवार में सारे सदस्य कोरोना पॉजिटिव हैं। इसके साथ ही रमजान का धर्म भी निभाना है। ऐसे में सिस्टर असगर खान रोजा रखने के बावजूद मरीजों की सेवा कर रही हैं। इसके साथ ही अपनी पारिवारिक जिमेदारियों को भी निभा रही हैं।