Roads- कैबिनेट मीटिंग में कई अहम निर्णय, बुरहानपुर में 2500 करोड़ की दो सिंचाई परियोजनाएं को मंजूरी
Roads- मध्यप्रदेशवासियों का आवागमन अब और आसान होगा। प्रदेश की सड़कों की हालत सुधारी जा रही है। राज्य कैबिनेट ने पुरानी सड़कों की मरम्मत कराने का बड़ा फैसला लिया है। इसके लिए 10 हजार करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं।
मंगलवार को सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में हुए कैबिनेट मीटिंग में कई अहम निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने बुरहानपुर में 2500 करोड़ की दो सिंचाई परियोजनाएं को भी अपनी मंजूरी दे दी। पीएम जनमन योजना के तहत एसटी-एससी बाहुल्य जिलों में विकास कार्यों के लिए कैबिनेट ने खजाने खोल दिए। इन जिलों में 700 करोड़ रुपए के काम होंगे।
राज्य कैबिनेट ने सड़क योजनाओं पर खास ध्यान दिया। प्रदेश में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना वर्ष 2031 तक जारी रहेगी जिसके अंतर्गत् 17 हजार करोड़ की सड़कें बनेंगी। इसके साथ ही 10 हजार करोड़ रुपए से पुरानी सड़कों का मेंटेनेंस किया जाएगा।
मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में हुई। परिषद ने बुरहानपुर जिले की खकनार तहसील की झिरमिटी मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए 922 करोड़ 91 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी। परियोजना से खकनार तहसील के 42 गांवों की 17 हजार 700 हेक्टेयर जमीन में सिंचाई होगी। इससे 11 हजार 800 किसान लाभांवित होंगे।
बुरहानपुर जिले की ही नेपानगर तहसील की नावथा वृहद सिंचाई परियोजना के लिए 1676 करोड़ 6 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति भी दी गई। इस परियोजना से तहसील के 90 गावों की 34 हजार 100 हैक्टेयर जमीन में सिंचाई उपलब्ध होगी। 22 हजार 600 किसानों को लाभ मिलेगा।
मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतरता की स्वीकृति दी। योजनांतर्गत अनुमानित व्यय 17,196 करोड़ 21 लाख रुपए होगा। इसके तहत 20 हजार किमी सड़क और 1200 पुल का निर्माण किया जाएगा।
नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के अंतर्गत सिंचाई परियोजनाओं के लिए नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट्स कंपनी लिमिटेड के माध्यम से वित्त पोषित करने की स्वीकृति भी मंत्रि-परिषद ने प्रदान की। स्वीकृति अनुसार परियोजनाओं में राज्य शासन द्वारा बजट प्रावधान के माध्यम से व्यय की गई राशि के समतुल्य अंश पूजी कंपनी द्वारा राज्य शासन को जारी किए जाएंगे।
बैठक में मंत्रि-परिषद के सदस्यों और उनके सचिवों को ई-कैबिनेट के लिए टैबलेट दिए गए। चलाने का प्रशिक्षण भी दिया गया।