भोपाल

एक राज्य-एक पहचान : नंबर पर क्लिक करते ही मिलेगी पूरी जानकारी, योजनाओं का मिलेगा सीधा लाभ

One State One Identity: हर नागरिक को पहचान नंबर मिलेगा। अब एक राज्य-एक पहचान का फॉर्मूला, एक कार्ड से सारे काम, इसमें आधार कार्ड से लेकर सारे पहचान पत्र समाहित होंगे।
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Updated: 9 Sep 2019, 9:05 AM IST
One State One Identity: सरकार का नया फॉर्मूला, एक पहचान नंबर पर क्लिक करते ही मिलेगी पूरी जानकारी
One State One Identity: सरकार का नया फॉर्मूला, एक पहचान नंबर पर क्लिक करते ही मिलेगी पूरी जानकारी

हरीश दिवेकर, भोपाल. कमलनाथ सरकार प्रदेश में लोगों की सुविधा के लिए वन स्टेट-वन आइडेंटिटी ( One State One Identity ) का फार्मूला लागू करने जा रही है। इसमें प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को पहचान नंबर मिलेगा। कार्ड में धारक का नाम, फोन नंबर, पता और फोटो के साथ क्यूआर कोड भी होगा।

कार्ड नंबर पर क्लिक करते ही संबंधित व्यक्ति का पूरा बायोडेटा खुल जाएगा। यानी वह कितनी सरकारी योजनाओं के लिए पात्र है। अब तक उसे कितनी योजनाओं में लाभ मिल रहा है। इतना ही नहीं, मूल निवास से लेकर अन्य जानकारी भी मिल सकेगी। सरकार अभी योजना के नाम पर विचार कर रही है।

एक कार्ड नंबर से खुलेगा हर नागरिक का पूरा बायोडेटा

सरकार का मानना है कि नागरिक को सरकारी दफ्तरों, स्कूल, कॉलेज और अन्य जगहों पर पहचान सहित विभिन्न जरूरतों के लिए अलग-अलग कार्ड रखना होता है। किसानों को खेती की ऋण पुस्तिका से लेकर खसरा-खतौनी सहित अन्य दस्तावेज दिखाने पर ही योजनाओं का लाभ मिलता है। वन स्टेट वन आइडेंटिटी का पहचान नंबर मिलने के बाद इतने सारे दस्तावेज रखने के झंझट से मुक्ति मिल जाएगी। इस योजना का प्रारूप लगभग तैयार है। संभावना है कि इसे जल्द ही कैबिनेट में लाया जाएगा।

ये होगा पहचान नंबर का फायदा

- पहचान नंबर जारी होने के बाद विभिन्न योजनाओं के अलग-अलग कार्ड रखने की जरूरत नहीं।
- स्कूल और कॉलेज में प्रवेश के लिए जन्म प्रमाण पत्र, मूल निवासी, आय प्रमाण पत्र, मार्कशीट और जाति प्रमाण पत्र देने की भी जरूरत नहीं होगी। केवल पहचान नंबर लिखने से काम चल जाएगा।


- ड्राइविंग लायसेंस, वाहन बीमा, फिटनेस सर्टिफिकेट आदि दस्तावेज की जानकारी भी पहचान नंबर से लिंक होगी। चेकिंग में पहचान नंबर दिखाने से काम चल जाएगा।
- सरकार प्रदेश के नागरिकों के डेटा को सुरक्षित रखेगी। इसे किसी भी कंपनी या अन्य किसी से शेयर नहीं किया जा सकेगा।


- नामांतरण के लिए भूमि स्वामी को खसरे की नकल की जरूरत नहीं। किसानों ने किस बैंक से कितना कर्ज लिया है, कितनी जमीन है। क्या फसल बोई है, सहकारी बैंक से कितना खाद-बीज उठाया है, किस योजना की कितनी सब्सिडी जमा हुई है, इसका ब्यौरा कार्ड से मिल जाएगा।


- सरकारी नौकरी और प्रायवेट नौकरी वालों की पूरी जानकारी इस पहचान नंबर में रहेगी।
- इसमें आधार नंबर भी शामिल होगा। जो व्यक्ति पहचान नंबर में आधार नंबर शामिल नहीं करेंगे, उन्हें सरकार की उन योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाएगा, जिनमें आधार नंबर अनिवार्य है।

पहचान नंबर पर क्लिक करते ही मिलेगी पूरी जानकारी

वन स्टेट-वन आइडेंटिटी योजना का मकसद आम लोगों को सरकारी सेवाओं के लिए अलग-अलग दस्तावेज और पहचान पत्र रखने की झंझट से मुक्ति दिलाना है। इस योजना के लागू होने के बाद पूरे प्रदेश में सिर्फ एक पहचान नंबर रखने से सारी सुविधाएं मिल सकेंगी। - एसआर मोहंती, मुख्य सचिव मध्यप्रदेश

दूसरे चरण में बैंकों से होगा टाइअप

पहला चरण सफल होने के बाद वन स्टेट-वन आइडेंटिटी कार्ड को लेकर बैंकों से टाइअप होगा। इसमें यूपीआई नंबर से लिंक करने के बाद आप अपने पहचान नंबर से ऑनलाइन लेन-देन करने के साथ बंैकिंग सुविधा का लाभ ले सकेंगे। इसके लिए अलग से किसी तरह का कोई एप डाउनलोड करने की जरूरत नहीं होगी।

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9 Sep 2019, 9:05 AM IST
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