केन्द्र सरकार की ओर से देश के सभी केन्द्र शासित राज्यों में सेंट्रल मोटर व्हीकल एक्ट के 217 नियमें से 63 नियमों को 1 सितंबर से एक साथ लागू कर दिया है। बाकि, बचे 154 प्रावधानों की समीक्षा करके उन्हें भी सभी केन्द्र शासित राज्यों के लिए लागू किया जाएगा। हालांकि अभी मध्य प्रदेश में इसे लागू नहीं किया गया है। जानिए कारण...
भोपाल/ मध्य प्रदेश समेत राजस्थान और पश्चिम बंगाल ने यातायात उल्लंघन पर जुर्माने की राशि के अंतर का आम इंसान की जैब खाली होने का हवाला देते हुए केन्द्र द्वारा वर्तमान में सख्त केंद्रीय मोटर वाहन संशोधन अधिनियम को लागू करने से इनकार कर दिया है। मध्य प्रदेश परिवहन विभाग का कहना है कि, केन्द्र सरकार द्वारा ट्रैफिक नियम उल्लंघन पर लगाए गए भारी भरकम जुर्माना राशि की समीक्षा करने और इसे लागू करने से पहले लोगों में ट्रैफिक नियम तोड़ने के खिलाफ जागरूकता लाने के बाद संशोधित नियमों को प्रदेश में लागू किया जाएगा। हालांकि, केन्द्र सरकार की ओर से मध्य प्रदेश, राजस्थान और पश्चिम बंगाल के अलावा सभी केन्द्र शासित राज्यों में सेंट्रल मोटर व्हीकल एक्ट के 217 नियमें से 63 नियमों को 1 सितंबर से एक साथ लागू कर दिया है। बाकि, बचे 154 प्रावधानों की समीक्षा करके उन्हें भी सभी केन्द्र शासित राज्यों के लिए लागू किया जाएगा।
पुलिस को अब तक नहीं मिले कोई निर्देश
केंद्र सरकार की ओर से संसोधित एक्ट को लेकर गजट नोटिफिकेशन जारी किये जाने के बावजूद अब तक मध्य प्रदेश की पुलिस संसोधित मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई नहीं कर रही है। इसका कारण ये है कि, क्योंकि प्रदेश पुलिस को राज्य शासन की ओर से अब तक कोई लिखित निर्देश नहीं मिला है। शासन की तरफ से निर्देश नहीं मिलने की वजह से पुलिस ने 1 सितंबर से नए एक्ट के तहत कार्रवाई करनी शुरु नहीं की है।
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इस तरह लागू होगा नया मोटर व्हीकल एक्ट
केन्द्र द्वारा संशोधित नए मोटर व्हीकल एक्ट के लागू किये जाने के बाद प्रदेश के विधि मंत्री पीसी शर्मा ने विधि सचिव और पीएस होम समेत संबंधित अधिकारियों से कहा था कि, वो केन्द्र द्वारा जारी नए प्रावधानों का अध्ययन करके इसमें संशोधन करें। ये संशोधन आम लोगों के हित में होना ज़रूरी है। इससे ये तो तय है कि, राज्य में जारी होने वाले नए नियमों को नए सिरे से अपना गजट नोटिफिकेशन जारी कर जुर्माना राशि में कमी कर इन प्रावधानों को लागू किया जाएगा। हालांकि, इसमें थोड़ा समय लगना स्वभाविक है।
सेंट्रल मोटर व्हीकल एक्ट के तहत जारी नए नियम, जबकि..
केन्द्र द्वारा प्रस्तावित किये गए नए मोटर व्हीकल एक्ट के तहत जितनी राशि बढ़ाई गई है उसका उद्देश्य देशभर की ट्रैफिक व्यवस्थाओं को सुधारने के साथ सड़क हादसों में कमी लाना है। यहां देखें केन्द्र द्वारा तय किये गए चालान के नए नियम।
-बिना हेलमेट पहले जुर्माना राशि 100 से 300 रुपए वसूली जाती थी, जो नए संशोधन के बाद 500 से 1500 रुपए तक हो जाएगी।
-ट्रिपल राइडिंग यानी एक टू-व्हीलर वाहन पर तीन लोगों के बैठने पर पहले 100 रुपए जुर्माना वसूला जाता था और अब इसे बढ़ाकर 500 रुपए कर दिया गया है।
-पॉल्युशन सर्टिफिकेट यानी किसी व्यक्ति के वाहन से धुआं आने पर पहले 100 रुपए जुर्माना लिया जाता था, जिसे बढ़ाकर अब 500 रुपए किया गया है।
-बिना लाइसेंस के वाहन चलाने पर पहले 500 रुपए जुर्माना वसूला जाता था जिसे बढ़ाकर अब 5000 रुपए कर दिया गया है।
-ओवर स्पीडिंग यानी तेज रफ्तार में वाहन चलाने पर पहले 400 रुपए जुर्माना किया जाता था, जिसे बढ़ाकर अब 1 हज़ार से 2 हज़ार रुपये कर दिया गया है।
-डेंजरस ड्राइविंग यानी इस तरह वाहन चलाना जिसमें खुद की या अन्य लोगों की जान को खतरा हो पर पहले 1000 रुपए वसूले जाते थे, जिसे अब 1000 से 5000 रुपए कर दिया गया है।
-वाहन चलाते समय मोबाइल फोन पर बात करने पर पहले 1000 रुपए जुर्माना वसूला जाता था, जिसे बढ़ाकर अब 1000 से 5000 रुपये तक कर दिया गया है।
-रोड के रांग साइड वाहन चलाने पर पहले 1100 रुपये जुर्माना वसूला जाता था, जिसे बढ़ाकर अब 5000 रुपये किया गया है।
-शराब या कोई अन्य नशा करके वाहन चलाने पर पहले 2000 रुपये जुर्माना वसूल किया जाता था, जिसे बढ़ाकर अब 10 हजार रुपये कर दिया गया है।
-रेड लाइट जंप करने पर पहले 100 रुपये जुर्माना वसूला जाता था, लेकिन अब संशोधित किये गए नियम के अनुसार, पहली बार पकड़े जाने पर 1 हज़ार से 5 हज़ार रुपए और दूसरी बार पकड़े जाने पर 2 हज़ार से 10 हजार रुपए तक जुर्माना तय किया गया है।
-कार का सीट बैल्ट ना लगाने पर पहले 100 रुपये जुर्माना वसूल किया जाता था, जिसे बढ़ाकर अब 1000 रुपए कर दिया गया है।
-ओवरलोड गाड़ी चलाने यानी वाहन की क्षमता से अधिक भार लादकर चलने पर पहले 500 रुपये जुर्माना लगाया जाता था, जिसे बढ़ाकर अब 5 हजार रुपये कर दिया गया है।
-सड़क के लिए निर्धारित की गई गति से तेज वाहन चलाने पर पहले 200 से लेकर 500 रुपये जुर्माना लगाया जाता था, जिसे बढ़ाकर अब 5 हजार रुपए किया गया है।
-बिना लाइसेंस वाहन चलाने पर अब तक 3 हजार रुपए समझौता शुल्क वसूला जाता था, लेकिन अब नए प्रावधान के अनुसार इसे बढ़ाकर 25 हजार रुपए किया गया है। वहीं, कोई नाबालिग वाहन चलाता हुआ पकड़ा गया तो, उसके अभिभावक को छह महीने की जेल भी की जा सकती है।
मोटर व्हीकल एक्ट 2019 से संबंधित कबरें यहां पढ़ें
Motor Vehicles Act 2019
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[typography_font:14pt]traffic signs and symbols while driving
[typography_font:14pt;" >New Traffic Rules in India 2019