Petrol Rates- प्रदेश में वैट की वजह से अन्य राज्यों की तुलना में पेट्रोल महंगा, जरूरी वस्तुओं के दामों में पहले ही इजाफा हो चुका
Petrol Rates- देश-दुनिया के साथ ही मध्यप्रदेश के लोगों के लिए भी अमरीका-ईरान युद्ध भारी साबित हो रहा है। तेल कंपनियों ने एक बार फिर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की है। मंगलवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 90 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि की गई। इससे पहले शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3-3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। इस प्रकार पिछले पांच दिनों में डीजल- पेट्रोल के दाम करीब 4 रुपए बढ़ा दिए गए हैं। मध्यप्रदेश वासियों को महंगाई की यह मार कुछ ज्यादा पड़ रही है। यहां पेट्रोल की कीमत देश के कुछ अन्य राज्यों की तुलना में करीब 12 रुपए ज्यादा है। प्रदेश में ज्यादा वैट टैक्स के कारण ऐसा हो रहा है। कांग्रेस नेता उमंग सिंघार से इसे घटाने की मांग की है।
एमपी में संकट काल चल रहा है। पांच दिनों में केंद्र ने पेट्रोल-डीजल के दाम फिर बढ़ा दिए हैं। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 90 पैसे/लीटर की बढ़ोतरी की गई है। इससे भोपाल में पेट्रोल डीजल की कीमत क्रमश: 110.74 रुपए और 95.90 रुपए/लीटर हो गई हैं।
पेट्रोल डीजल की कीमतों में यह इजाफा मध्यप्रदेश के वाशिंदों को और महंगा पड़ रहा है। दरअसल प्रदेश में वैट टैक्स ज्यादा है जिसके कारण यहां प्रति लीटर करीब 12 रुपए ज्यादा चुकाने पड़ रहे हैं।
प्रदेशवासियों पर बढ़ते बोझ को देखते हुए कांग्रेस ने प्रदेश में वैट कम करने की मांग की है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने यह मुद्दा उठाया। उन्होंने पेट्रोल-डीजल के बढ़े दामों को कम करने के लिए प्रदेश सरकार से वैट टैक्स कम करने की मांग की है ताकि जनता को राहत मिल सके।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा, देश में सबसे महंगे पेट्रोल वाले शहरों में भोपाल शामिल हो गया है। दिल्ली में पेट्रोल लगभग 98.67 रुपए प्रति लीटर है, जबकि भोपाल में 110.70 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। यानी मध्यप्रदेश की जनता हर लीटर पर दिल्ली से लगभग 12 रुपए ज्यादा चुका रही है। सरकार को आमजन को राहत देने के लिए वैट करना चाहिए।
महंगाई में बढ़ोतरी की आशंका, प्रदेश में जरूरी वस्तुओं के दामों में पहले ही इजाफा हो चुका
ग्लोबल हालात की वजह से तेल कंपनियां ने कीमतों में इजाफा किया है। कंपनियों के अधिकारियों ने बताया गया राष्ट्रीय स्तर पर अब पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने के लिए एक रणनीति बनाई गई है। इसके तहत एक बार में ज्यादा दाम बढ़ाने के बजाय धीरे-धीरे कीमतें बढ़ाने फैसला लिया गया है। । अधिकारियों का कहना है कि कंपनियां ईंधन की कीमतें धीरे- धीरे इसलिए बढ़ा रही हैं ताकि महंगाई को काबू में रखा जा सके। बता दें कि प्रदेश में जरूरी वस्तुओं के दामों में पहले ही इजाफा हो चुका है। पेट्रोल-डीजल व सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी के साथ ही दूध के रेट भी बढ़ चुके हैं।