
PM Modi Birthday Special Story- बात छोटी-सी है, लेकिन बड़ा संदेश दे गई थी। लोगों ने भी कहा था भोपाल शहर में ऐसा कौन वीआईपी है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी बढ़ा है, जिसके कारण मोदी को अपना कार्यक्रम ही बदलना पड़ गया। भोपाल में पिछले साल हुई ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में जब पीएम मोदी का कार्यक्रम निर्धारित था, पीएम नरेंद्र मोदी सुबह 9.45 बजे समिट के लिए रवाना होने वाले थे। लेकिन, सुबह 10 बजे कार्यक्रम के लिए रवाना हुए। पीएम का कार्यक्रम 15 मिनट आगे बढ़ा दिया गया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस 17 सितंबर के मौके पर जानिए उनसे जुड़ा दिलचस्प किस्सा…।
भोपाल में 24 फरवरी 2025 को ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट हो रही थी। श्यामला हिल्स स्थित मानव संग्रहालय में देश-विदेश के उद्योगपतियों का जमावड़ा था। दुनिया की निगाह इस कार्यक्रम पर लगी थी। पीएम मोदी सोमवार सुबह 9.45 बजे कार्यक्रम स्थल के लिए रवाना होने वाले थे, लेकिन उन्होंने 15 मिनट के लिए अपने समय में बदलाव कर दिया। वे सुबह 10 बजे कार्यक्रम स्थल के लिए रवाना हुए। जानिए क्यों पीएम मोदी को अपना कार्यक्रम 15 मिनट आगे बढ़ाना पड़ा था और किसके लिए पीएम मोदी ने यह फैसला लिया…।
दरअसल, मध्यप्रदेश के स्कूलों में वार्षिक परीक्षा शुरू हो चुकी थी। ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट वाले दिन 24 फरवरी को भोपाल में भी परीक्षा थी। पीएम मोदी के कार्यक्रम स्थल के पास दो परीक्षा केंद्र थे। पीएम मोदी के एयरपोर्ट से कार्यक्रम स्थल पहुंचने के सभी रास्तों पर बैरिकेडिंग की जाना थी। यातायात पुलिस को सभी रास्ते बंद करने थे। इससे स्कूली बच्चों को परीक्षा से लौटने और परीक्षा देने जाने वालों को असुविधा हो सकती थी, इसलिए पीएम मोदी ने छात्रों की असुविधा न हो इसका ध्यान रखते हुए अपने कार्यक्रम में बदलाव कर दिया था। इसके बाद ही ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का शुभारंभ हुआ। श्यामला हिल्स क्षेत्र के दो परीक्षा केंद्र भी बदल दिए गए थे। इनमें रीजनल स्कूल और बालभवन स्कूल शामिल थे। नए शेड्यूल के बाद प्रधानमंत्री राजभवन से 10 बजे निकले और 10.15 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे।
भोपाल की यातायात पुलिस ने पीएम के दौरे को देखते हुए जो एडवायजरी जारी की थी उसमें स्पष्ट कहा था कि प्रधानमंत्री के दौरे के वक्त छात्रों की किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। यातायात पुलिस ने इसके लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी कर दिया था। पुलिसकर्मियों को भी निर्देश दिए गए थे कि वे आने-जाने वाले बच्चों को न रोकें।
पीएम मोदी की ओर से विद्यार्थियों के हित में लिए गए इस फैसले की सोशल मीडिया पर काफी सराहना हुई। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (mp cm dr mohan yadav) ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संवेदनशीलता हमें सदैव प्रेरित करती है। प्रधानमंत्री मोदी विद्यार्थियों और उनके उज्वल भविष्य के लिए सदैव संवेदनशील रहते हैं और समय-समय पर विभिन्न कार्यक्रम कर उनका मनोबल बढ़ाते हैं। प्रधानमंत्री का परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए अत्यंत लोकप्रिय और प्रेरणादायी सिद्ध हो रहा है।
यह समिट इसलिए भी महत्वपूर्ण थी क्योंकि यह भोपाल में पहली बार हो रही थी। इसमें 60 उद्योगपति, निवेशक और विशेषज्ञ आए थे। 13 देशों के राजदूत शामिल हुए थे, वहीं 6 देशों के उच्चायुक्त और कई वाणिज्य दूतावास प्रमुख शामिल हुए थे। इसके अलावा 25 हजार से अधिक पंजीकरण हुए थे, जिनमें 50 देशों के 100 प्रतिनिधि शामिल हुए थे।