भोपाल

कभी पैर हिलाती रही तो कभी मां का चेहरा देखती रही 3 साल की मासूम, भोपाल में दर्दनाक दृश्य

Bhopal Police : अंतिम संस्कार तक के पैसे नहीं थे, पुलिस बनी सहारा, मां का आंचल छूटा, अब बेटियों की सहारा बनी एएसआइ
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Sep 25, 2026
भोपाल में 3 बेटियों को पुलिस ने दिया सहारा
भोपाल में 3 बेटियों को पुलिस ने दिया सहारा- credit- patrika

Bhopal : मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में दर्दनाक नजारा सामने आया। 3 बेटियों की मां की अचानक मौत हो गई। एक बेटी उनसे लिपटकर रोती रही तो दूसरी बेटी मां के चेहरे को एकटक निहारती रही थी। घर में इतने भी पैसे नहीं थे कि उनका अंतिम संस्कार कर सकें। ऐसे में पुलिस ने सहारा दिया। महिला का अंतिम संस्कार कराया। मां का आंचल छूटा तो एएसआइ सोनिया पटेल और उनकी टीम बेटियों की सहायता के लिए आगे आ गई।

भोपाल में 3 बेटियों को पुलिस ने दिया सहारा

भोपाल एम्स परिसर की निवासी महिला अमनदीप कौर की अचानक सांसें थम गईं। मां के यूं एकाएक चले जाने से उनकी तीनों बेटियों पर मानो वज्रपात हो गया। 6 माह की एक बच्ची मां के शव से लिपटकर रो रही थी। 3 साल की बेटी कभी मां का पैर हिला रही थी तो कभी उसके चेहरे को निहार रही थी।

तीनों बेटियों को मुश्किल परिस्थितियों में पाल रही थी अमनदीप

यह दर्दनाक दृश्य उस समय सामने आया, जब 32 वर्षीय अमनदीप कौर की बीमारी के चलते मौत हो गई। अमनदीप तीनों बेटियों को मुश्किल परिस्थितियों में पाल रही थी। परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण वे एम्स परिसर स्थित करुणाधाम में रह रहे थे। मां के चले जाने के बाद बेटियों का रो रोकर बुरा हाल हो गया। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें बमुश्किल संभाला।

पुलिस ने अंतिम संस्कार का जिम्मा भी निभाया:

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, अमनदीप किसी तरह अपना परिवार पाल रहीं थीं। उनके पति सुरजीत सिंह नशे के आदी हैं। ऐसे में परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। हाल इतने बुरे थे कि परिवार के पास अमनदीप कौर के अंतिम संस्कार के लिए भी पैसे नहीं थे।

विधि विधान से कराया अंतिम संस्कार

जब यह जानकारी एएसआइ सोनिया पटेल और पुलिस टीम को मिली तो वे मदद के लिए आगे आ गए। उन्होंने बेटियों को भी संभाला। एएसआइ सोनिया पटेल अपनी पुलिस टीम सहित अमनदीप के पति सुरजीत सिंह को साथ लेकर सुभाष नगर विश्राम घाट पहुंचीं। यहां विधि विधान से महिला का अंतिम संस्कार कराया गया। इस दौरान उप निरीक्षक गंगाराम वर्मा, आरक्षक अजय और रामप्रताप तथा सुनैना चंदेल ने भी सहयोग किया।

Updated on:
25 Sept 2026 10:15 am
Published on:
25 Sept 2026 10:01 am