भोपाल

एमपी के 7 जिलों में खुलेगा ‘ड्रोन स्कूल’, 50 पुलिसकर्मी बनेंगे मास्टर ट्रेनर

MP News:एसएसपी रेडियो रियाज इकबाल ने बताया, नए ड्रोन विंग सेटअप तैयार कर रहे हैं। इंदौर में ड्रोन स्कूल बनाया जा रहा है।

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Jan 30, 2026
drone school प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source - Patrika)

रूपेश मिश्रा

MP News: सिंहस्थ-2028 को दृष्टिगत रखते हुए मप्र पुलिस अभी से युद्ध स्तरीय तैयारियों में जुट गई है। इस बार पुलिस का पूरा फोकस कानून-व्यवस्था में ज्यादा से ज्यादा तकनीकी नवाचारों की मदद लेना है। लिहाजा इसी क्रम में सिंहस्थ मेला परिसर की निगरानी के लिए देश के सबसे तीन हाईटेक फिक्स्ड विंग ड्रोन को मप्र पुलिस ने खरीदने की तैयारी शुरू कर दी है। इस ड्रोन की क्षमता ऐसी है कि यह लगातार 6 घंटे तक 100 किमी तक लगातार उड़ान भर सकता है। इसका सबसे बड़ा फायदा ये होगा कि पुलिस ड्रोन के जरिए कई जिलों को कवर कर आसमानी निगाह से भीड़ की निगरानी कर सकती है।

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ड्रोन से हो सकेगी लाइव मॉनिटरिंग

एसएसपी रेडियो रियाज इकबाल ने बताया, नए ड्रोन विंग सेटअप तैयार कर रहे हैं। इंदौर में ड्रोन स्कूल बनाया जा रहा है। जहां से मास्टर ट्रेनर तैयार करेंगे। तीन हाईटेक ड्रोन भी वहीं रखे जाएंगे। इनकी खूबी यह है कि यह लंबे समय, लंबी दूरी के साथ दिन और रात दोनों समय उड़ानभर सकेंगे। जिसकी लाइव मॉनिटरिंग की जा सकेगी। यह हमारे लिए कई क्षेत्रों में उपयोगी होगा।

स्मार्ट पुलिसिंग में मिलेगी मदद

-अपराध और संदिग्ध गतिविधियों पर रियल टाइम निगरानी।

-सिंहस्थ मेला मैदान में भीड़ नियंत्रण और वीआइपी मूवमेंट में मदद होगी।

-आपदा, दंगे और नšसल प्रभावित क्षेत्रों में ड्रोन की मदद से तेज कार्रवाई।

-ड्रोन के दुरुपयोग से निपटने के लिए एंटीड्रोन तकनीक भी होगी।

ऐसे काम करेगा फिक्स्ड विंग ड्रोन

-फिक्स्ड विंग ड्रोन में विमान की तरह बड़े-बड़े पंखे होते हैं। ये मल्टीरोटर ड्रोन की तुलना में ज्यादा दूरी तय करता है।

-लंबे समय तक हवा में रह सकते हैं और कम बैटरी खपत में बड़े इलाके की निगरानी कर सकते है।

-यही वजह है कि इन्हें खासकर बॉर्डर पेट्रोलिंग, बड़े सर्च ऑपरेशन और लंबी दूरी की निगरानी में उपयोग करते हैं।

ऐसे तैयार होंगे ड्रोन ऑपरेशन के मास्टर

ट्रेनर ड्रोन विंग को मजबूत करने के लिए इंदौर स्थित पुलिस रेडियो ट्रेनिंग स्कूल (पीआरटीएस) में ड्रोन ट्रेनिंग स्कूल की शुरुआत की जा रही है। इसे प्रदेश का नोडल ड्रोन ट्रेनिंग सेंटर बनाया जाएगा। यहां से प्रदेशभर के लिए ड्रोन पायलट और पे-लोड ऑपरेटर (को-पायलट) तैयार किए जाएंगे।

शुरुआती चरण में तकनीकी रूप से दक्ष 50 पुलिसकर्मियों को ड्रोन उड़ाने की स्पेशल ट्रेनिंग दी जाएगी। जिन्हें सिर्फ ड्रोन ऑपरेशन ही नहीं, बल्कि ड्रोन और एंटी-ड्रोन तकनीक की भी जानकारी दी जाएगी। इस ट्रेनिंग के पूरी होने के बाद यही 50 पुलिसकर्मी मास्टर ट्रेनर के रूप में जिलों में पदस्थ किए जाएंगे। प्रदेश में भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन समेत कुल 7 ड्रोन सेंटर स्थापित किए जाने हैं, जहां से पुलिस ड्रोन संचालन किया जाएगा।

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Published on:
30 Jan 2026 11:01 am
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