
Bhopal News :मध्य प्रदेश की राधानी भोपाल के बोर्ड ऑफिस चौराहे पर गुरुवार को प्राथमिक शिक्षक भर्ती वर्ग-3 के मेरिट होल्डर अभ्यर्थियों ने नियुक्ति पत्र जारी करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को रोके जाने के मामले में अब प्रदेश की सियासत गरमाने लगी है। विधानसभा में नेता प्रतिपपक्ष उमंग सिंघार ने मामले को लेकर राज्य सरकार से गंभीर सवाल किए हैं।
उमंग सिंघार ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर घटना का वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा कि, प्राथमिक शिक्षक वर्ग-3 के अभ्यर्थियों का भोपाल में प्रदर्शन। नियुक्ति मांगने वाले शिक्षकों पर भाजपा सरकार लाठियां बरसा रही है! दो-दो परीक्षाएं पास कर मेरिट में जगह बनाने वाले प्राथमिक शिक्षक वर्ग-3 के अभ्यर्थी पिछले दो साल से नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन नियुक्ति पत्र देने के बजाय भाजपा सरकार उन्हें पुलिस की लाठियां और प्रताड़ना दे रही है।'
सिंघार ने आगे कहा कि, 'भोपाल में अपने हक की आवाज़ उठा रहीं महिला अभ्यर्थियों को घसीटना और व्रत रखी महिलाओं तक को न बख्शना बेहद शर्मनाक है। राष्ट्रगान गाकर अपने अधिकारों की मांग कर रहे इन युवाओं की आवाज़ भी इस संवेदनहीन सरकार को सुनाई नहीं दे रही।
नेता प्रतिपक्ष ने आगे एमपी के मुखिया डॉ. मोहन यादव से सवाल करते हुए कहा कि, 'मुख्यमंत्री जी, कब तक प्रदेश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करेंगे? क्या आपकी सरकार में युवाओं को अपने हक की मांग करने का भी अधिकार नहीं है? मोहन यादव जी, तानाशाही बंद कीजिए, बहानेबाजी छोड़िए और सभी पात्र अभ्यर्थियों को तत्काल नियुक्ति पत्र दीजिए!'
पुलिस जब प्रदर्शनकारियों को बलपूर्वक हिरासत में लेकर बसों में भर रही थी, इसी दौरान आंदोलनकारियों द्वारा अनूठे ठंग से अपना विरोध दर्ज कराना शुरु कर दिया। सड़क से हटाए जाने के दौरान सभी अभ्यर्थी एक स्वर में राष्ट्रगान (जन-गण-मन) गाने लगे। इसके बावजूद पुलिस अधिकारी यातायात चालू कराने के लिए अभ्यर्थियों को उठाकर गाड़ियों में पहुंचाते रहे।
आपको बता दें कि, प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने चौराहे के बीचों-बीच बैठकर थालियां बजाईं और शासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की थी। इस प्रदर्शन के कारण इलाके में घंटों के लिए लंबा यातायात जाम लग गया और वाहन चालकों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।