Rajyasabha Election MP Congress : राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के मुद्दे पर राहुल गांधी ने अपनी नाराजगी जाहिर की, क्योंकि मप्र से नटराजन को राज्यसभा में भेजने के लिए नाम राहुल गांधी ने ही दिया था। ये घटना मध्यप्रदेश में बड़े फेरबदल के संकेत भी दे रही है।

Meenakshi Natarajan Nomination Cancelled: राज्यसभा चुनाव के लिए एमपी से कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद से पार्टी में महाभारत छिड़ी हुई है। पार्टी के ही कुछ नेताओं के कांड में शामिल होने तक की चर्चाएं सामने आ रही हैं। इस बीच कुछ नेताओं ने दिल्ली में डेरा डाल रखा है। बताते है कि राहुल गांधी इतने नाराज हैं कि उन्होंने कल दिल्ली में हुई एक बैठक में कुछ नेताओं की तरफ देखा तक नहीं, ये घटना भविष्य में बड़े फेरबदल के संकेत भी दे रही है।
दिल्ली में कल संसद में विपक्ष के नेता राहुल गांधी(Rahul Gandhi) और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने देश के सभी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षों, प्रभारियोंऔर राष्ट्रीय महामंत्रियों की बैठक रखी। इसमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और प्रभारी हरीश चौधरी भी शामिल हुए। कांग्रेसियों की मानें तो संगठन और अन्य कई विषयों को लेकर रखी गई बैठक में राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के मुद्दे पर भी राहुल गांधी ने बात की और अपनी नाराजगी जाहिर की, क्योंकि मप्र से नटराजन को राज्यसभा में भेजने के लिए नाम राहुल गांधी ने ही दिया था। कांग्रेसियों का कहना है कि नटराजन के नामांकन रद्द होने के घटनाक्रम के बाद से पार्टी आलाकमान प्रदेशाध्यक्ष पटवारी सहित अन्य बड़े नेताओं से काफी खफा हैं। इसके चलते आने वाले समय में आलाकमान कड़ा रुख अपनाएगा और फेरबदल होगा।
प्रदेश में कांग्रेस के करीब 62 विधायक हैं। यह सभी विधायक दिल्ली जाने की तैयारी में है, क्योंकि नटराजन के मामले में राष्ट्रपति से मुलाकात का समय कांग्रेस ने मांगा है। राष्ट्रपति के समय देते ही सभी विधायक दिल्ली कूच करेंगे और प्रदेशाध्यक्ष पटवारी के साथ उनसे मुलाकात कर अपनी बात रखेंगे।
दिल्ली नटराजन के नामांकन रद्द होने के घटनाक्रम के बाद प्रदेश कई बड़े नेताओं ने दिल्ली में डेेरा डाल रखा है। इनमें प्रमुख रूप से सज्जन सिंह वर्मा, विजय लक्ष्मी साधौ, रवि जोशी, एनपी प्रजापति और रीना बौरासी सेतिया शामिल है। इनके अलावा भी अन्य नेता दिल्ली जाने की तैयारी में है। ये नेता दिल्ली क्यों पहुंचे? इसका पता लगाने में कांग्रेसी जुटे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी किसी बात को लेकर आमने-सामने हो गए हैं। दोनों के बीच हुई जंग सोशल मीडिया तक पहुंच गई है। दिग्विजय सिंह के समर्थकों ने प्रभारी चौधरी के खिलाफ पोस्ट करना शुरू कर दिया है। पोस्ट में लिखा जा रहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनान है तो दिग्विजय सिंह को वापस लाना होगा और मुख्यमंत्री बनाना होगा। समर्थकों की पोस्ट पर दिग्विजय सिंह धन्यवाद भी कर रहे हैं। अब इसके क्या मायने है? पता लगाने में कांग्रेसी में जुट गए हैं।