भोपाल

इन जिलों पर अब भी गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने का खतरा

मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटो के लिए प्रदेश के 20 जिलों पर गरज चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने की संभावना जताई है।

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इन जिलों पर अब भी गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने का खतरा

भोपाल/ मध्य प्रदेश से मानसून की विदाई हो चुकी है, जिसकी अधिकारिक पुष्टी मध्य प्रदेश मौसम विभाग करीब 10 दिनों पहले ही कर चुका है। हालांकि, अब प्रदेश के कई जिलों में मावट वाली वर्षा का सिलसिला जारी है। ये मावटी बारिश प्रदेश में ठंड बढ़ाने वाली है। मौसम विभाग के अनुसार, इस साल दीपावली आने तक प्रदेश की जनता को अच्छी खासी ठंड का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटो के लिए प्रदेश के 20 जिलों पर गरज चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने की संभावना जताई है।

शनिवार से छाए है बादल, बूंदाबांदी का सिलसिला जारी

इधर, इधर, शनिवार से ही राजधानी भोपाल समेत आसपास के इलाकों में घने बादल छाए हुए हैं। शनिवार सुबह से लेकर रविवार का पूरा दिन भी हल्की बूंदाबांदी का सिलसिला जारी है। साथ ही, प्रदेश के कई इलाकों में रात के समय ठंड बढ़ने लगी है। हालांकि, इस तरह का मौसम लोगों की बीमारियों का कारण भी बनता जा रहा है। कई स्थानों पर बारिश भी हो रही है। वहीं, नमी बढ़ने से रात होते होते ठंड बढ़ जाती है। इसके कारण नज़ला खांसी और वायरल के मरीजों में काफी तेज़ी से बढ़ोरी हो रही है।


इस बार पड़ेगी हाड़ कंपाने वाली ठंड!

मौसम विभाग का अनुमान है कि, जिस तरह इस बार प्रदेश में रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई है उसी तरह हाड़ कंपाने वाली ठंड से भी प्रदेशवासियों का सामना हो सकता है। बात करें बारिश की तो इस बार प्रदेश में औसत से 45 फीसदी ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। इधर, केन्द्रीय मौसम विभाग द्वारा जारी बारिश के आंकड़ों में मध्य प्रदेश को अधिक बारिश वाले 11 राज्यों की सूची में रखा था। इस आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि, इस बार जिस तरह प्रदेश के लोगों को भारी बारिश का सामना करना पड़ा, उसी तरह हाड़कंपाने वाली ठंड का सामना करना पड़ सकता है।


इन जिलों में गरज चमक के साथ बारिश की संभावना

मौसम विभाग द्वारा मध्य प्रदेश के 20 जिलों में गरज चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने की संभावना जताई है। उनमें रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, छतरपुर, दमोह, सागर, टीकमगढ़, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, छिंडवाड़ा, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, अनुपपुर शामिल है। इसके अलावा प्रदेश के होशंगाबाद, बैतूल, हरदा, भोपाल, रायसेन, सीहोर, इंदौर, बुरहानपुर, खरगौन, खंडवा, अलीराजपुर, धार, रतलाम, श्योपुर जिलों में कहीं कहीं बारिश की संभावना है।


10 हजार करोड़ के नुकसान, 15 लाख हेक्टेयर फसल बर्बाद

इस साल प्रदेश में अतिवृष्टि और बाढ़ के चलते करीब 10 हजार करोड़ रुपए के नुकसान का प्रारंभिक अनुमान लगाया गया है। इसमें 8 हजार करोड़ की फसल खराब हुई है, जबकि 2 हजार करोड़ रुपए लागत की सड़कें, सरकारी भवन और मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आकलन के लिए केन्द्रीय दल निरीक्षण कर चुका है। बाढ़ से मंदसौर, नीमच, रतलाम, आगर-मालवा में सोंयत और भिंड-मुरैना में ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। साथ ही इस रिकॉर्ड तोड़ बारिश ने लगभग 15 लाख हेक्टेयर फसल बर्बाद की है, जिसकी पुष्टी कुछ दिनों पहले जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने की थी। हांलांकि, बारिश का सिलसिला नहीं थमा तो ये आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है। वहीं, इस बीच वर्षाजनित हादसों में 200 से ज्यादा लोगों की मौतें हुईं। प्रदेश सरकार बाढ़ प्रभावितों को अब तक सौ करोड़ से ज्यादा की राहत राशि बांट चुकी है। साथ ही, राज्य ने केन्द्र सरकार से भी राहत पहुंचाने की अपील की है।

Published on:
20 Oct 2019 12:00 pm
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