
Rajendra Bharti - दतिया विधानसभा उपचुनाव की मतगणना शुरु होने से 10 घंटे पहले रविवार रात करीब 10 बजे कांग्रेस ने राजनीतिक फैसला लेते हुए पूर्व विधायक राजेंद्र भारती को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया। राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की सहमति के बाद प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने आदेश जारी किया। दरअसल, कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने आरोप लगाया था कि 2023 में बीजेपी नेता नरोत्तम मिश्रा को हराने वाले भारती ने उपचुनाव में भाजपा नेताओं के साथ मिलकर भितरघात किया। फंडिंग ली। वे कांग्रेस के चुनाव प्रचार में नहीं दिखे। पार्टी से निलंबित होते ही पूर्व विधायक राजेंद्र भारती ने भी मुंह खोला। उन्होंने कहा कि हार की आशंका से घनश्याम घबरा गए हैं। इसलिए झूठे आरोप लगा रहे हैं।
घनश्याम सिंह को कायर करार दिया, उन्हें डरपोक कहा
निलंबन के बाद पूर्व विधायक राजेंद्र भारती भड़क उठे। उन्होंने घनश्याम सिंह पर ही बीजेपी से सांठगांठ का आरोप लगाया। राजेंद्र भारती ने खुद पर लगे बीजेपी से मिलीभगत और भितरघात के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने घनश्याम सिंह को कायर करार दिया, उन्हें डरपोक कहा। राजेंद्र भारती ने यह भी कहा कि घनश्याम सिंह को हार का डर सता रहा है, इसलिए मुझपर झूठे आरोप लगा रहे हैं।
पूर्व विधायक राजेंद्र भारती ने कहा कि जो खुद कांच के महलों में रहते हैं उन्हें दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकना चाहिए। घनश्याम सिंह के पूरे चुनाव में फंड मैनेजमेंट का काम बीजेपी से जुड़े नेताओं ने किया। उन्होंने आरोप लगाया कि घनश्याम सिंह ने चुनाव लड़ने में बीजेपी नेता पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का पूरा सहयोग लिया।
दतिया विधानसभा उपचुनाव के परिणाम आने से ठीक पहले उठाए गए इस बड़े कदम से कांग्रेस की अंदरूनी कलह बाहर आ गई है। पार्टी द्वारा पूर्व विधायक राजेंद्र भारती को प्राथमिक सदस्यता से निलंबित करने का आदेश कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और मध्यप्रदेश के प्रभारी हरीश चौधरी ने जारी किया।
कांग्रेस के प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने पूर्व विधायक राजेंद्र भारती के खिलाफ मतदान के बाद मोर्चा खोला था। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और अन्य वरिष्ठ नेताओं को बाकायदा शिकायत की। 30 जुलाई को भेजी लिखित शिकायत कहा कि पूर्व विधायक राजेंद्र भारती ने चुनाव में भितरघात किया और कांग्रेस के हितों के खिलाफ काम किया।