भोपाल

MP में परिवहन विभाग का नया नियम, इन बसों का अब नहीं होगा रजिस्ट्रेशन

MP News: मंत्रालय द्वारा स्लीपर कोच बसों में एसडीएसएस सिस्टम अनिवार्य रूप से लागू करने के लिए कहा गया। जिसके बाद प्रदेश में परिवहन विभाग द्वारा इसे सख्ती से लागू कर दिया गया है।

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Mar 15, 2026
Registration Denied for buses without FDSS system (फोटो- Patrika.com)

Vehicle Registration New Rules: स्लीपर कोच बसों में बढ़ती आगजनी की घटनाओं के बाद सड़क एवं परिवहन मंत्रालय द्वारा स्लीपर कोच बसों में एसडीएसएस (फायर डिटेक्शन एंड सप्रेशन सिस्टम) सिस्टम अनिवार्य रूप से लागू करने के लिए कहा गया। जिसके बाद प्रदेश में परिवहन विभाग द्वारा इसे सख्ती से लागू कर दिया गया है। यानी प्रदेश में अब जो स्लीपर कोच बसें चलेंगी उनमें एफडीएसएस सिस्टम होगा तभी परिवहन विभाग द्वारा उन बसों का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। बता दें इस सिस्टम के जरिए बस में आग लगने की स्थिति को जल्दी पहचानने और उसे तुरंत बुझाने में मदद मिलेगी। (MP News)

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एफडीएसएस से ऐसे पुख्ता होगी सुरक्षा

फॉयर डिटेक्शनः सबसे पहले बस के इंजन या अन्य संवेदनशील हिस्सों में हीट और स्मोक सेंसर लगाए जाते है। जैसे ही तापमान असामान्य रूप से बढ़ता है या धुआं बनता है, सिस्टम उसे तुरंत लेता है।

अलार्मः आग लगने का संकेत मिले ही ड्राइवर को अलार्म से चेतावनी मिलती है।

फायर सप्रेशनः सिस्टम में लगे फायर एक्सटिंग्विशिंग केमिकल या गैस स्वयं ही एक्टिव होकर आग नियंत्रण कर सकेंगी

प्रदेश में दो बड़े हादसे, जिसने बढ़ाई चिंता

  1. अशोकनगर जिले में इसागढ़ रोड पर बामनावर गांव के पास एक चलती स्लीपर बस में अचानक आग लग गई। बस पिचौर से इंदौर की ओर जा रही थी और उसमें बड़ी संख्या में यात्री सवार थे। अचानक बस के पिछले हिस्से से धुआं और लपटें उठने लगीं, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। चालक ने तुरंत बस रोककर सभी यात्रियों को सुरक्षित नीचे उतरने में मदद की। स्थानीय ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे और राहत कार्य में सहयोग किया। सूचना पर दमकल और पुलिस पहुंची और आग बुझाने का प्रयास किया, हालांकि बस पूरी तरह जलकर नष्ट हो गई।
  2. मैहर जिले के नादन थाना क्षेत्रा कटनी से रीवा की ओर जा रही एक चलती बस में अचानक आग लग गई। आग इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते पूरी बस जलकर राख हो गई। बस में सवार ड्राइवर और दो हेल्परों ने खिड़की-दरवाजों से कूदकर अपनी जान बचाई।

आग लगने के ये कारण

  • इलेक्ट्रिकल शॉट सर्किट ।
  • इंजन का ओवरहीट होना।
  • डीजल का रिसाव।
  • अवैध मॉडिफिकेशन।
  • सुरक्षा उपकरणों की कमी।
  • बसों के फिटनेस जारी करने में विभाग की लापरवाही।
  • बसों की मॉनिटरिंग में लापरवाही।

इसलिए जरूरी सिस्टम

  • लंबी दूरी की यात्रा
  • रात में संचालन
  • इंजन का अधिक गर्म होना
  • इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट का खतरा

पहले से संचालित बसों में भोई लगेगा एफडीएसएस सिस्टम

सडक मंत्रालय ने स्लीपर कोच -बसों में एफडीएसएस सिस्टम अनिवार्य किया है। प्रदेश में भी अब बसों का रजिस्ट्रेशन इसी के आधार पर किया जाएगा। और जो बसें पहले से संचालित है उनके सुरक्षा मापदंडों की जांच के लिए आरटीओ को निर्देशित किया गया है।- - उमेश जोगा, आयुक्त परिवहन (MP News)

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Published on:
15 Mar 2026 07:30 am
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