भोपाल

भोपाल में बिल्डर का कारनामा, पहले बेटियों को दान दी जमीन फिर बैंक में रखी गिरवी

Builder Bank Fraud Case: बैंक से धोखाधड़ी करने के मामले में रॉयल हेरिटेज बिल्डर के डायरेक्टर और पत्नी के खिलाफ EOW में एफआईआर दर्ज।
2 min read
• •
Oct 14, 2026
bhopal builder
bhopal builder, एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर (Source-Gemini)

Bhopal Builder Bank Fraud Case: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने बैंक के साथ धोखाधड़ी करने के मामले में रॉयल हेरिटेज बिल्डर के डायरेक्टर जीशान अली और उनकी पत्नी नाजनीन अली पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है। जीशान पर आरोप है कि पहले जमीन बेटियों के नाम दान की, फिर उसी जमीन को अपनी संपत्ति बताकर बैंक से दो करोड़ रुपए का लोन ले लिया। उसके बाद जब कर्ज नहीं चुकाया और बैंक ने वसूली की प्रक्रिया शुरू की तो बेटियों के नाम से ही मुकदमे दायर करवा दिए, ताकि बैंक जमीन से कर्ज की वसूली नहीं कर सके। पंजाब नेशनल बैंक का 2.7 करोड़ से अधिक का कर्ज अब तक बकाया है।

2013 में बेटियों के नाम की जमीन, 2015 में बैंक में गिरवी

ईओडब्ल्यू की पड़ताल में सामने आया कि राजधानी भोपाल के बावड़ियाकलां इलाके में 526.83 वर्गमीटर व्यावसायिक जमीन जीशान अली के नाम थी। उन्होंने 10 जुलाई 2013 को दानपात्र के जरिए यह जमीन अपनी तीन बेटियों के नाम कर दी थी। इनमें से दो बेटियां उस समय नाबालिग थीं। इसके बावजूद सितंबर 2015 में इसी जमीन को जीशान अली की निजी संपत्ति बताकर बैंक के सामने पेश किया गया। जांच में सामने आया कि बैंक की लीगल सर्च रिपोर्ट में जमीन को साफ और बिक्री योग्य बताया गया, जबकि बेटियों के नाम किए गए दान का कोई जिक्र नहीं था। नाबालिगों के हित वाले कॉलम में भी ‘नन’ दर्ज किया गया। इसके आधार पर 24 सितंबर 2015 को मेसर्स रॉयल हेरिटेज बिल्डर्स कॉलोनाइजर्स इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के नाम दो करोड़ रुपए की ओवरड्राफ्ट सीमा स्वीकृत हुई।

पत्नी और मां भी बनीं गारंटर

जांच के मुताबिक लोन से जुड़े ओवरड्राफ्ट एग्रीमेंट और गारंटी एग्रीमेंट में जीशान अली, उनकी पत्नी नाजनीन अली और मां निकहत शमीम गारंटर बनी थीं। इसी जमीन को बैंक के पास गिरवी रखने के लिए दर्शाया गया। अनुबंध में संपत्ति पर किसी मुकदमे, भार या अन्य दावे के नहीं होने की घोषणा भी की गई। नवंबर 2015 में जमीन का बंधक विलेख पंजीकृत कराया गया। जांच में एक और अहम तथ्य सामने आया। फरवरी 2015 में जीशान अली और नाजनीन अली ने अपनी नाबालिग बेटी के नाम दर्ज दूसरी जमीन बेचने के लिए जिला न्यायालय से अनुमति ली थी। इससे यह संकेत मिला कि वे नाबालिग की संपत्ति के संबंध में कानूनी अनुमति की आवश्यकता से परिचित थे। इसके बावजूद छह महीने बाद बेटियों के नाम पहले ही की जा चुकी जमीन बैंक में गिरवी रख दी गई।

Updated on:
14 Oct 2026 10:29 pm
Published on:
14 Oct 2026 10:29 pm