
नीलबड़। राजधानी को भले ही ओडीएफ का दर्जा मिल गया है, पर कई क्षेत्र ऐसे हैं जहां रहवासी खुले में शौच करने को मजबूर हैं। ताजा मामला वार्ड २६ स्थित सेवनिया गोंड का है।
यहां एक आदिवासी परिवार में पिछले साल अगस्त में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ भोजन किया था। इस दौरान खुलासा हुआ था कि सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने जिस रहवासी कमलसिंह उइके के घर में भोजन किया गया था, उस घर में शौचालय तक नहीं था।
उइके परिवार के ने कई बार नगर निगम को शौचालय बनाने के लिए आवेदन दिया था, पर हर बार किसी न किसी वजह से मामला अटक जाता था। इसके बाद हरकत मेें आए नगर निगम ने आनन-फानन में यहां सामुदायिक शौचालय की व्यवस्था की थी और कुछ दिनों बाद यहां टॉयलेट्स बनवा दिए गए थे। हालांकि ये क्षेत्र पूरी तरह खुले में शौच से मुक्त नहीं हो पाया है।
आज भी यहां २० फीसदी घरों में शौचालय नहीं हैं। सेवानिया गोंड एवं सेवनिया गोंड सूरज नगर में कुल पांच सौ से अधिक रहवासी रहते हैं। इनमें अधिकतर आदिवासी वर्ग से हैं। अब एक बार भी भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भोपाल आ रहे है।
टूटे पड़े मॉड्यूलर टॉयलेट
अमित शाह के दौरे के बाद नगर निगम ने सेवनिया गोंड में मॉड्यूलर टॉयलेट रखवाए थे। देखरेख के अभाव में अब ये कबाड़ में तब्दील हो गए हैं। यहां रखी पानी की टंकी भी टूटी पड़ी है। वहीं स्थानीय पार्षद संतोष उइके मॉड्यूलर टॉयलेट्स को पूरी तरह सही बता रहे हैं।
सौ मीटर की दूरी पर हालात जस के तस
सेवानिया गोंड से महज सौ मीटर की दूरी पर स्थित सेवनिया गोंड सूरजनगर के तरकीबन ५० घरों में से महज दस में ही शौचालय हैं। आज भी यहां के रहवासी खुले में शौच करने जाते हैं। स्थानीय रहवासियों के मुताबिक नगर निगम ने कई बार सर्वे कर फॉर्म भरवाए हैं, पर सूची में नाम नहीं आया।
शौच के लिए पहाड़ी पर जाते हैं
नगर निगम ने सर्वे तो किया है, फॉर्म भी भरवाए हैं, पर अभी तक शौचालय नहीं बनाया गया है। क्षेत्र के अधिकतर रहवासी पहाड़ी पर शौच के लिए जाते हैं।
मेशू भील, रहवासी, सेवनिया गोंड सूरज नगर
मॉड्यूलर टॉयलेट्स ठीक हैं
जिन घरों में शौचालय नहीं बने हैं वहां शौचालय नहीं बनने के कारणों का पता लगाया जाएगा। जल्द ही सभी घरों में शौचालय बनवाए जाएंगे। मॉड्यूलर टॉयलेट्स पूरी तरह ठीक हैं।
संतोष उइके, पार्षद वार्ड २६