भोपाल

ED के शिकंजे में सौरभ, जब्त की जाएगी मालामाल पूर्व आरक्षक की 108.25 करोड़ की संपत्ति

Saurabh Sharma Case Update: प्रवर्तन निदेशालय ने पीएमएलए कोर्ट में अभियोजन शिकायत, भ्रष्टाचार के जरिये इकट्‌ठा की गई 108.25 करोड़ की चल-अचल संपत्ति जब्त करने का आवेदन दिया है
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Updated: 10 Apr 2025, 1:40 PM IST
Saurabh Sharma Case Update (3)
Saurabh Sharma Case Update (3)

Saurabh Sharma Case Update: मध्य प्रदेश परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक मालामाल सौरभ शर्मा की 108.25 करोड़ की संपत्ति जब्त की जाएगी। प्रवर्तन निदेशालय ने पीएमएलए कोर्ट में अभियोजन शिकायत दी है। बता दें कि ED ने सौरभ शर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत लोकायुक्त पुलिस द्वारा दर्ज प्रकरण पर जांच शुरू की थी।

ED ने 108.25 करोड़ की संपत्ति जब्त करने दिया आवेदन

परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा ने काली कमाई से करोड़ों रुपये इकट्‌ठा किए थे। ईडी ने मंगलवार को इस संबंध में पीएमएलए कोर्ट में शिकायत की। भ्रष्टाचार के जरिये इकट्‌ठा की गई 108.25 करोड़ की चल-अचल संपत्ति जब्त करने का आवेदन दिया है। इस पर कोर्ट ने संज्ञान लिया है। ED ने सौरभ शर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत लोकायुक्त पुलिस द्वारा दर्ज प्रकरण पर जांच शुरू की थी। इस दौरान सौरभ शर्मा, चेतन सिंह गौर और शरद जायसवाल को पीएमएलए एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया।

तीनों फिलहाल हिरासत में, 92.07 करोड़ रुपए की संपत्ति 25 मार्च को कुर्क

बता दें कि फिलहाल काली कमाई की ये तिकड़ी न्यायिक हिरासत में सेंट्रल जेल में हैं। वहीं ईडी ने सौरभ शर्मा, उसके रिश्तेदारों, सहयोगियों और इनके स्वामित्व वाली कंपनियों में 92.07 करोड़ रुपए की चल अचल संपत्ति 25 मार्च को कुर्क की थीं।

18 दिसंबर को लोकायुक्त ने की थी छापामारी, IT ने बरामद किया सोना और कैश

18 दिसंबर को लोकायुक्त ने राजधानी भोपाल में सौरभ शर्मा के घर छापामारी की कार्रवाई की गई थी। वहीं 19 दिसंबर को मेंडोरी गांव के कुछ लोगों ने पुलिस को खाली प्लॉट पर खड़ी एक लावारिस क्रिस्टा गाड़ी के होने की सूचना दी थी। इस गाड़ी से IT ने 6 से 7 बैग बरामद किए थे। जिनमें 52 किलो सोना और 11 करोड़ का कैश था। इसके बाद से लोकायुक्त के बाद ED और IT भी सक्रिय हो गई।

सौरभ शर्मा समेत 12 लोगों को बनाया आरोपी

ईडी ने 52 किलो सोने और 11 करोड़ कैश के मामले में जेल में बंद परिवहन विभाग के पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा और उसके राजदार शरद जायसवाल, मां और पत्नी समेत 12 अन्य सहयोगियों के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया है। ये चालान सचिन कुमार घोष की अदालत में पेश किया गया।

27 दिसंबर को छापामारी में मिली थी 6 करोड़ से अधिक की FD

बता दें कि 27 दिसंबर को जांच एजेंसियों ने सौरभ शर्मा के रिश्तेदारों और सहयोगियों के भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर स्थित आवास में जांच एजेंसियों ने छापामार कार्रवाई की। इस दौरान अलग-अलग ठिकानों पर सर्चिंग के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए। वहीं सौरभ के सहयोगी चेतन सिंह गौर के नाम पर 6 करोड़ रुपए से ज्यादा की FD मिली थी। परिवार के सदस्यों और कंपनियों के नाम पर 4 करोड़ रुपए से अधिक ज्यादा बैंक बैलेंस भी मिला। 23 करोड़ रुपए से अधिक की अचल संपत्ति से संबंधित दस्तावेज भी पाए गए और उन्हें जब्त कर लिया गया। गौरतलब है कि सौरभ शर्मा को 62 दिन बाद विशेष न्यायाधीश आरपी मिश्रा की कोर्ट से लोकायुक्त केस में जमानत मिल गई थी। इसके बाद ED ने फिर से जेल में ही पूछताछ शुरू की थी।

11 अप्रैल को खत्म हो रही न्यायिक हिरासत

बता दें कि 11 अप्रैल को सौरभ शर्मा, चेतन सिंह और शरद जायसवाल की न्यायिक हिरासत खत्म जाएगी। समय पर चालान पेश नहीं किए जाने के कारण अदालत लोकायुक्त के मामले में पहले ही सौरभ, चेतन गौर और शरद की जमानत मंजूर कर चुकी है, लेकिन ED का चालान पेश नहीं होने के कारण तीनों अब तक जेल से बाहर नहीं आ सके। अब चालान पेश होने के बाद सौरभ की ओर से जमानत का आवेदन लगाया जाएगा। सौरभ के अलावा चेतन और शरद के वकील भी जमानत का आवेदन लगा सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक प्यारेलाल की गिरफ्तारी को लेकर ईडी आरोपियों की जमानत का विरोध करेगी।


Updated on:
10 Apr 2025, 1:40 PM IST
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