Shardiya Navratri 2025 : मंदिर के पीठाधीश्वर रजनीश सिंह बगवार का कहना है कि यहां श्रद्धालुओं की मनोकामना पूरी होती है। कई श्रद्धालु यहां मन्नत पूरी होने पर धागा बांधते हैं और नारियल अर्पित करते हैं।
Shardiya Navratri 2025 : राजधानी भोपाल के तलैया में बना काली मंदिर(Sri Kalika Temple Bhopal) शहरवासियों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। न सिर्फ भोपाल बल्कि आसपास से भी यहां बड़ी संख्या में दर्शनार्थी दर्शन के लिए आते हैं। यह मंदिर छोटे तालाब के किनारे बना हुआ है, इसलिए इसे कालीघाट के नाम से भी जाना जाता है। आस्था के साथ-साथ प्राकृतिक सौंदर्य का नजारा भी यहां से लोग निहारते हैं। वहीं नवरात्र पर भक्तों की भारी भीड़ लगी रहती है।
शहर के इस मंदिर का इतिहास काफी पुराना है। पहले यहां एक सिद्ध मढ़िया हुआ करती थी, उस समय शहर की आबादी भी काफी कम थी। इस मढ़िया में कुछ समाजों के लोग कुलदेवी के रूप में मां काली की पूजा करते थे। यहां कई लोगों की मनोकामना पूरी हुई। इसके बाद इस मंदिर का पुर्ननिर्माण 1976 में किया गया। अब यह एक सिद्ध पीठ के रूप में है। शारदीय और चैत्र दोनों ही नवरात्र में यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगती है।
मंदिर(Sri Kalika Temple Bhopal) के पीठाधीश्वर रजनीश सिंह बगवार का कहना है कि यहां श्रद्धालुओं की मनोकामना पूरी होती है। कई श्रद्धालु यहां मन्नत पूरी होने पर धागा बांधते हैं और नारियल अर्पित करते हैं। मन्नत पूरी होने के बाद धागा खोलते हैं। न सिर्फ भोपाल बल्कि अनेक स्थानों से श्रद्धालु यहां आते हैं।
दलते वक्त के साथ-साथ मंदिर में भी कई तरह के नवाचार किए जा रहे हैं। यहां हजारों लोग माथा टेकते हैं। अब मंदिर का सोशल मीडिया पर भी लाइव दर्शन कराए जाते हैं। मंदिर से जुड़े प्रकाश मालवीय ने बताया कि मंदिर के फेसबुक और इंस्ट्राग्राम पेज पर नवरात्र में लाइव दर्शन, महाआरती आदि का लाइव प्रसारण किया जाता है।