शहर के बिल्डर्स की संस्था क्रेडाई द्वारा भोपाल को लेकर कराए गए ऑनलाइन सर्वे में सामने आया चौंकाने वाला रहा रिजल्ट।
भोपाल। सरकार भले ही शहर को स्मार्ट बनाने के लिए नए पुल-ब्रिज खड़े करने, शहर में वल्र्ड क्लास रेलवे स्टेशन बनाकर और मेट्रो ट्रेन दौड़ाकर विकास के दावे कर रही हो, लेकिन शहरवासियों का मत इससे अलग है। उनका मानना है कि शहर के विकास की रफ्तार गति नहीं पकड़ रही है।
कारोबार से लेकर नौकरी तक में शहर के लोग जद्दोजहद कर रहे हैं। लोग पुराने मकान बेचने को तैयार हैं। किराए के मकान लगातार खाली हो रहे हैं। यदि यह सही है तो शासन-प्रशासन को सोचने की जरूरत है।
गौरतलब है कि बिल्डर्स की संस्था क्रेडाई ने शहर के करीब 8 हजार लोगों से 11 सवालों पर उनकी राय जानने यह ऑनलाइन सर्वे कराया था। उन्होंने भले ही यह सर्वे अपने कारोबार के लिहाज से कराया हो, लेकिन इसकी रिपोर्ट दर्शाती है कि शहरवासी शहर के विकास के बारे में क्या सोचते हैं।
ऑनलाइन सर्वे में शहरवासियों ने रखी अपनी राय...
53प्रतिशत ने कहा कॉलेज स्टूडेंट्स की संख्या शहर में कम हो रही।
61.1 प्रतिशत बोले उद्योगों के उपयोग की क्षमता व कमगारों की संख्या कम हो रही है।
69.5 प्रतिशत बोले रोजगार घट रहे।
69.5प्रतिशत ने कहा कि व्यापार में रोजगार की संभावनाएं लगातार कम हो रही हैं।
82प्रतिशत ने कहा शहर में रोजगार बढ़ाने और माइगे्रशन रोकने का कोई प्लान ही नहीं है।
63.5प्रतिशत का मामना है कि कौशल विकास के बावजूद लोगों को काम नहीं मिल रहा।
58.6प्रतिशत का मानना है कि शहर में निर्माण मजदूरों की संख्या कम हुई है।
58प्रतिशत लोगों का कहना है कि वर्र्किंग स्पेस की मांग नहीं बढ़ी ।
59.2प्रतिशत लोगों के अनुसार किराए के मकान का खाली होना लगातार बढ़ रहा है।
46.4प्रतिशत लोगों का कहना है कि बिक्री के लिए पुराने मकानों की संख्या बढ़ी है।
61.5प्रतिशत लोगों का कहना है कि अन्य राजधानियों के मुकाबले भोपाल की स्थिति कमतर है।
क्रेडाई भोपाल की सब कमेटी फॉर सिटी स्टेटस के सदस्यों ने शहर के हालात का अनुमान लगाने के लिए सर्वे का निर्णय लिया था। सर्वे लिंक समाज के अलग-अलग गुप्स में शेयर किए, जिससे काफी इनपुट प्राप्त हुए। ये सर्वे का प्रथम चरण है। दूसरे चरण में इन मुद्दों के हल को लेकर लोगों की राय ली जाएगी।
- मनोज सिंह मिक, प्रवक्ता क्रेडाई मप्र
नोटबंदी, जीएसटी का असर तो स्पष्ट नजर आ रहा है। बाजार में भय की स्थिति है। बिलिंग में परेशानी आ रही है। कारोबार, उद्योग थमा हुआ है, लोग खरीदारी करने नहीं निकल रहे। हालांकि, इससे घबराने की जरूरत नहीं है। अभी त्योहारों का समय आने वाला है। खरीदारी बढ़ेगी, बिक्री अच्छी होगी तो स्थितियां नियंत्रण में आ सकती है।
- अभिषेक गुप्ता, वाइस चैयरमेन, आईसीएआई, भोपाल चेप्टर