सफाई में भोपाल का फिर दूसरे स्थान पर कब्जा...
भोपाल। देश के विभिन्न शहरों व नगरों में कराए गए स्वच्छता सर्वेक्षण के बाद केंद्र सरकार ने आज यानि बुधवार को स्वच्छ भारत रैंकिंग जारी कर दी है। इसके तहत एक बार फिरमध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल दूसरे स्थान पर ही रही है।
ये रहे टॉप तीन शहर...
जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश ? का इंदौर शहर ने जहां देश के चार हजार शहरों को पछाड़कर एक बार फिर लगातार दूसरे साल नंबर-वन का ताज हासिल किया है। वहीं दूसरे नंबर पर भी मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का ही कब्जा बना हुआ है। वहीं इस लिस्ट में चड़ीगढ़ तीसरे स्थान पर रहा।
स्वच्छता अभियान को बनाया जनआंदोलन...
केंद्रीय शहरी विकास राज्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ट्वीट कर ये जानकारी दी। पिछले साल की रैंकिंग में भी इन्हीं दोनों शहरों ने पहला और दूसरा स्थान हासिल किया था।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इन दोनों शहरों ने स्वच्छता अभियान को जनआंदोलन से जोड़कर यह मुकाम हासिल किया है।
भोपाल को इन प्रयासों ने दिलाई सफलता :-
वहीं इससे पहले भी स्वच्छता अभियान के तहत मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल को नंबर वन बनाने के लिए अब चंड़ीगढ़ के रॉक गार्डन की तर्ज पर भोपाल के महापौर आलोक शर्मा ने कचरा खरीदने वाले कबाड़ियों से अनुबंध करने का फैसला लिया था।
उनका कहना है कि कबाडियों से कचरा खरीद कर अब भोपाल के चौक चौराहों को और अधिक सुन्दर बनाया जाएगा।
इस दौरान महापौर ने रविवार को पुराने भोपाल के इब्राहिम पूरा इलाके में लोगों से कबाड़ खरीदा। कबाड़ को इक्ट्ठा करने के लिए महापौर ने कबाड़ से जुगाड़ कार्यक्रम के तहत निगम अफसर और मेयर ने लोगो स्वच्छता के प्रति जागरुक किया था।
महापौर ने कहा था कि भोपाल के कचरा खरीदने वाले कबाड़ियों से नगर निगम अनुबंध करेगा। इकट्ठा हुए कबाड़ से भोपाल के चौक चौराहे सजाए जाएंगे। इस दौरान महापौर आलोक शर्मा ने शाहनवाज वर्कशॉप और माता मंदिर परिवहन शाखा वर्कशॉप का जायजा लिया।
इसके पहले भी काम में लापरवाही और अव्यवस्था की शिकायत मिलने पर व्यवस्था सुधारने और वर्कशॉप इंचार्ज उपस्थित ना होने पर सस्पेंड करने का निर्देश दिया था।
नम्बर वन की थी उम्मीद ...
नगर निगम अफसरों को इस बार रैकिंग में टॉप पर रहने की उम्मीद थी। ओडीएफ के साथ ही सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के साथ ही शहर में साफ सफाई और प्रचार प्रसार में बेहतन अंक मिले। गौरतलब है कि इससे पहले भी स्वच्छता सर्वे में भोपाल नंबर-दो पर था।
इधर, इंदौर ऐसे बना फिर नंबर-वन
वहीं, इंदौर की महापौर मालिनी गौड़ ने शहर के दोबारा नंबर वन बनने पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक प्रयासों की वजह से इंदौर इस कड़ी प्रतिस्पर्धा में नंबर वन बना है। महापौर ने इंदौर की जनता की भी दिल खोलकर तारीफ की है।
दरअसल, इस साल स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए कड़े मापदंड बनाए गए थे। इसके अलावा देशभर के चार हजार शहरों को इसकी कसौटी पर कसा गया था। ऐसे में इंदौर का दोबारा नंबर वन बनना एक बड़ी उपलब्धि है।
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