
Bhopal news: मध्यप्रदेश के भोपाल शहर में वायरल का प्रकोप छाया हुआ है। बुखार, प्लेटलेट्स में गिरावट और शरीर पर लाल चकत्ते ये लक्षण डेंगू की आशंका बढ़ा रहे हैं, लेकिन जांच में रिपोर्ट नेगेटिव आने से मरीज और परिजन असमंजस में हैं। मौसम बदलने के साथ वायरल संक्रमण के मरीज भी बढ़ रहे हैं। सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में 20 से 22 फीसदी तक इजाफा बताया जा रहा है। लक्षणों में समानता के कारण डेंगू, चिकनगुनिया और दूसरे संक्रमणों के बीच अंतर करना आसान नहीं है। ऐसे में मरीज बीमारी की पुष्टि के लिए जांच करा रहे हैं। खांसी बुखार में स्वाइन फ्लू की आशंका होने पर जांच का खर्च भी बढ़ सकता है।
डॉक्टरों के मुताबिक, वायरल संक्रमण में तेज बुखार, बदन दर्द, थकान और कमजोरी जैसी शिकायतें आम हैं। कुछ मरीजों में बुखार उतरने के बाद भी कमजोरी कई दिनों तक बनी रह सकती है। ऐसे में लक्षणों को सामान्य वायरल मानकर नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। खासकर प्लेटलेट्स में गिरावट या शरीर पर चकत्ते दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
बुखार आते ही मरीज डेंगू और चिकनगुनिया की जांच कराने के लिए परेशान हो रहे हैं। कई मरीज डॉक्टरों से जांच कराने का आग्रह कर रहे हैं। हालांकि, हर बुखार डेंगू नहीं होता और प्लेटलेट्स कम होने या लाल चकत्ते आने के दूसरे कारण भी हो सकते हैं। डॉक्टर की सलाह पर जरूरी जांच कराना ही बीमारी की सही पहचान और उपचार का रास्ता है।
मलेरिया विभाग की 8 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, भोपाल में इस साल 8 अक्टूबर तक डेंगू के 5,808 टेस्ट में 124 मरीज पॉजिटिव मिले हैं। पिछले साल इसी अवधि में 8,189 टेस्ट में 111 मरीज मिले थे। मलेरिया के इस साल 2,01,964 टेस्ट में 12 मरीज पॉजिटिव मिले, जबकि पिछले साल 2,44,804 टेस्ट में 10 मरीज मिले थे।
इस साल अक्टूबर में अब तक डेंगू के 474 टेस्ट में 24 मरीज पॉजिटिव मिले हैं। पिछले साल इसी महीने में 242 टेस्ट में 9 मरीज मिले थे।
शरीर अचानक से गर्म होने लगे और तेज बुखार आए।
पूरे शरीर मेंथकान और कमजोरी लगे तो डॉक्टर को दिखाए।
मांसपेशियों, जोड़ों और सिर में लगातार दर्द बना रहना।
कंपकंपी के साथ ठंड लगना और बाद में पसीना आना।
गले में खराश, सूखी खांसी, नाक बहना या बंद होना।
अचानक से भूख लगना बंद हो जाए।