भोपाल

एमपी में टीचर्स के 20 साल के सेवा लाभ पर खतरा, वेतन की भी हो सकती है वसूली, सीएम से लगाई गुहार

Higher Education Department Teachers - परिवीक्षा अवधि पर विवाद, 200 प्राध्यापकों पर वसूली का खतरा, लाखों लौटाने की आ सकती है नौबत
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Aug 05, 2026
threat to service benefits of higher education department teachers in mp
उच्च शिक्षा विभाग के टीचर्स के सेवा लाभ पर खतरा Demo Pic-(Photo Source - Patrika)

MP Teachers- एमपी में उच्च शिक्षा विभाग में टीचर्स के सेवा लाभों पर खतरा उत्पन्न हो गया है। उनसे वेतन की वसूली भी हो सकती है। उच्च शिक्षा विभाग में विशेष भर्ती अभियान के तहत नियुक्त सहायक प्राध्यापकों के साथ यह स्थिति बन रही है। उनकी परिवीक्षा अवधि को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। प्रान्तीय शासकीय महाविद्यालयीन प्राध्यापक संघ ने इस संबंध में सीएम मोहन यादव से गुहार लगाई है।

संघ ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर आशंका जताई है कि उच्च शिक्षा विभाग वर्ष 2017 के बाद नेट, स्लेट या पीएचडी की योग्यता प्राप्त करने वाले शिक्षकों की परिवीक्षा नियुक्ति की तिथि के बजाय योग्यता प्राप्त करने की तिथि से समाप्त करने की तैयारी कर रहा है। यदि ऐसा हुआ तो प्रभावित शिक्षकों की 15 से 20 वर्षों की सेवा का लाभ समाप्त हो जाएगा।

लाखों रुपए की वसूली की स्थिति

प्रान्तीय शासकीय महाविद्यालयीन प्राध्यापक संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि उच्च शिक्षा विभाग के इस कदम से सहायक प्राध्यापकों के सामने परेशानी आएगी। इसके साथ ही वेतनवृद्धि, कैरियर प्रोन्नति सहित अन्य वित्तीय लाभ वापस लेने और लाखों रुपए की वसूली की स्थिति बन सकती है।

संघ के अनुसार 2004 से 2017 के बीच स्लेट परीक्षा आयोजित नहीं हुई, जबकि दो वर्ष में पीएचडी पूरी करना भी व्यावहारिक नहीं था। विभाग ने समय-समय पर योग्यता प्राप्त करने की अवधि बढ़ाई थी।

मानवीय आधार पर काम करने का आग्रह किया

उच्च शिक्षा विभाग प्रदेश के नियम कानूनों की बात कह रहा है। विभाग इस संबंध में मप्र सिविल सेवा एवं सेवा की सामान्य शर्तें नियम-1961 के नियम 8 का हवाला दे रहा है। इधर प्रान्तीय शासकीय महाविद्यालयीन प्राध्यापक संघ ने मानवीय आधार पर काम करने का आग्रह किया है। संघ ने सीएम मोहन यादव को ज्ञापन देकर सरकार से एक बार नियम शिथिल कर प्रभावित शिक्षकों को राहत देने की मांग की है।

मध्यप्रदेश में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा विशेष भर्ती अभियान के तहत नियुक्त सहायक प्राध्यापकों की परिवीक्षा (प्रोबेशन) अवधि सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले कई शिक्षकों के प्रोबेशन समाप्त कर उन्हें निरंतर सेवा का लाभ दिया गया है। हालांकि प्रोबेशन और उससे जुड़े सेवा लाभों व नियमितीकरण को लेकर विभाग की प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रियाएं समय-समय पर सुर्खियों में भी रही हैं।

विभाग द्वारा निर्धारित नियमों के तहत परिवीक्षा अवधि तय की गई। सामान्य नियमों के अनुसार सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति के बाद 2 वर्ष की परिवीक्षा अवधि होती है। वहीं अहर्ताओं (जैसे NET/SLET/Ph.D.) या विशेष प्रावधानों के मामलों में न्यायालयीन स्तर पर शर्तें लागू की गई हैं।

परिवीक्षा अवधि से जुड़े मुख्य पहलू

वार्षिक वेतनवृद्धि:
परिवीक्षा काल सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद ही वार्षिक वेतनवृद्धि और अन्य प्रशासनिक लाभ दिए जाते हैं।

योग्यता संबंधी शर्तें:
उच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देश हैं कि छूट या विशेष प्रावधानों के तहत नियुक्त सहायक प्राध्यापक अनिवार्य योग्यताएं (NET/SLET/Ph.D.) प्राप्त करने से पहले स्थायीकरण (confirmation) या वरिष्ठता का दावा नहीं कर सकते।

Updated on:
05 Aug 2026 09:20 am
Published on:
05 Aug 2026 09:16 am