भोपाल

एमपी में हल्दी में लेड की मिलावट, मिर्च में मिला रहे ईंट का चूरा, इलायची व सौंफ भी बनी जहरीली

Turmeric : स्वाद के नाम पर धीमा जहर : 500 करोड़ का मसाला कारोबार, जांच के दायरे से बाहर 99 फीसदी चक्कियां, जीरे में बीज की मिलावट
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Oct 10, 2026
एमपी में हल्दी इलायची व सौंफ बनी जहरीली
एमपी में हल्दी इलायची व सौंफ बनी जहरीली - image AI Grok

Turmeric : एमपी में हल्दी में लेड की मिलावट की जा रही है जबकि मिर्च में ईंट का चूरा और जीरे में बीज मिलाया जा रहा है। इलायची और सौंफ भी 'मैलाकाइट ग्रीन' केमिकल रंग के कारण जहरीली बन चुकी हैं। खास बात यह है कि आपकी थाली में स्वाद बढ़ाने वाले ऐसे मिलावटी मसालों को खाद्य टीम ने जांच से बाहर किया हुआ है। ऐसा इसलिए क्योंकि मसाला बनाने 25 बड़े मसाला प्रोसेसिंग यूनिट और 1700 मसाला चक्कियां हैं, लेकिन इनमें से एक फीसदी पर भी अब तक कार्रवाई नहीं हुई। किस तरह के उत्पाद को पीसकर मसाला बना रहे? पैकिंग के पहले इनमें क्या मिला रहे? ये किसी को पता नहीं है। जबकि मसालों का सालाना 500 करोड़ रुपए का कारोबार है। इसमें 200 करोड़ रुपए स्थानीय प्रोसेसिंग यूनिट में पिसे मसालों का हिस्सा है।

40 फीसदी मसाले स्थानीय चक्कियों के

जिले की 40 फीसदी आबादी दैनिक भोजन पकाने के लिए खड़े मसालों को स्थानीय चक्कियों से पिसवाने या सीधे यहीं से खरीदी करती है। पुराने भोपाल का मशहूर स्ट्रीट फूड सेकटर, शहर के मैरिज गार्डन, रेस्टोरेंट और कैटरिंग व्यवसाय में खड़े मसालों और बल्क पैक मसालों की सबसे ज्यादा खपत होती है। गोविंदपुरा, मंडीदीप समेत करोंद में मसालों के प्रोसेसिंग यूनिट पर बल्क में मसालों की पीसाई होती है।

लगातार कार्रवाई जारी

जिला खाद्य एवं औषधि नियंत्रक, पंकज श्रीवास्तव का कहना है कि मसालों को लेकर हमारी टीम ने कार्रवाई की है। होटल्स जांच में भी मसालों पर फोकस किया गया। इस पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।

मसालों में मिलावट- चारकोल या कोलतार के घोल से रंगे झाड़ू के तिनके

भोपाल के पारंपरिक व्यंजनों जैसे कोरमा, बिरयानी, और मुगलाई डिशेज के कारण लौंग, दालचीनी, जावित्री, जायफल, शाहजीरा, तेजपत्ता, हरी व बड़ी इलायची की मांग ज्यादा रहती है। धनिया पाउडर, हल्दी, तीखी लाल मिर्च, कश्मीरी मिर्च, जीरा, राई और सौंफ दैनिक किचन मसाले हैं।

काली मिर्च: पपीते के सूखे बीज, जंगली बेर की गुठलियां और चमक बढ़ाने के लिए मिनरल ऑयल।

लाल मिर्च पाउडर: ईंट का चूरा, लकड़ी का बुरादा, स्टार्च और कार्सिनोजेनिक कृत्रिम रंग (रोडामाइन क्च या सूडान रेड)।

हल्दी पाउडर: लेड क्रोमेट (शीशा), मेटानिल येलो (सिंथेटिक पीला रंग), पीली मिट्टी, चॉक पाउडर और मक्के का आटा।

धनिया पाउडर: धान की भूसी, लकड़ी का बुरादा, सूखे पत्ते और कृत्रिम रंग।

जीरा: चारकोल या कोलतार के घोल से रंगे झाड़ू के तिनके, घास के बीज और स्टार्च से बने नकली दाने।

हरी इलायची व सौंफ: पुरानी/बेरंग इलायची और सौंफ को चमकाने के लिए जहरीला 'मैलाकाइट ग्रीन' केमिकल रंग।

Updated on:
10 Oct 2026 07:22 am
Published on:
10 Oct 2026 07:22 am