
Twisha Sharma Case Updates:एमपी के भोपाल शहर में सबसे चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक इस केस में बड़ी लापरवाही सामने आई है। इस लापरवाही से ये पूरा केस पलट सकता है। पता चला है कि इस केस के पहले पोस्टमार्टम के लिए भोपाल एम्स के डॉक्टरों को वो फंदा ही नहीं दिया था, जिससे ट्विशा के फांसी लगाने की बात कही जा रही है।
वहीं, अब पता चला है कि क्राइम सीन से जो लिगेचर यानी फंदा जब्त किया था, उसकी कोई करवाई ही नहीं की गई। टि्वशा की मौत के मामले में अहम सबूत तो उठा लिया गया, लेकिन किसी ने नहीं बताया कि यह वही फंदा था, इसका कोई रिकॉर्ड भी नहीं है। अब माना जा रहा है कि इस बड़ी लापरवाही का फायदा सीधे-सीधे आरोपी पक्ष को मिल सकता है। जानबूझ कर ये लापरवाही की गई।
बता दें कि इस पूरे मामले में टि्वशा के परिवार वाले पहले दिन से ही ट्विशा शर्मा की मौत का संदिग्ध कह रहे है। साथ ही मौत के बाद शुरु की गई जांच सवालों के घेरे में है। इस केस में सबूत जब्ती में चूक और समर्थ की फरारी ये सारे प्रश्न सवाल खड़े कर रहे है। यही कारण रहा कि केस की जांच SIT के बाद CBI को सौंपनी पड़ी। इस पूरे मामले में टि्वशा के वकील अंकुर पांडेय का कहना है कि 'कोर्ट में प्रॉसिक्यूशन का केस इसी पॉइंट पर धराशायी हो जाएगा। पुलिस ने खुद अपने केस की कब्र खोद दी है। इस एक चूक से पूरा केस पलट सकता है। आरोपी बरी हो सकते हैं। ये लापरवाही नहीं, अपराध है'।
बता दें सीबीआई ने बीते दिनों रिमांड को न बढ़ाकर पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। वहीं दूसरी ओर सीबीआई की पूरी जांच टीम को फोकस टि्वश की प्रेग्नेंसी की ओर है। सूत्रों के मुताबिक डिजिटल एविडेंस से यह साफ हो गया है कि समर्थ और ट्विशा के बीच झगड़े की जड़ प्रेग्नेंसी थी। समर्थ ने ट्विशा से पूछा था कि तुम प्रेग्नेंट कैसे हो सकती हो? यह किसका बच्चा है ? टि्वशा सास गिरिबाला और पति समर्थ ने बताया था कि टि्वशा प्रेग्नेंसी की खबर से परेशान थी। ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह ने न्यायिक हिरासत से पहले मीडिया को बताया था कि प्रेग्नेंसी बेटे और बहू के बीच का मामला है। उन्होंने यह जरूर बताया कि ट्विशा और समर्थ ने आपसी सहमति से 30 अप्रैल को प्रेग्नेंसी टर्मिनेट कराई थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मौत से कुछ घंटे पहले ही ट्विशा और समर्थ एक ही पार्क में अलग-अलग टहलने के लिए गए थे, लेकिन दोनों की न तो पार्क में मुलाकात हुई और न ही उनके बीच कोई बातचीत हुई। कुछ देर बाद दोनों अलग-अलग रास्तों से घर लौटे थे। जांच एजेंसियों को दिए गए बयान में समर्थ सिंह ने बताया कि, ' 12 मई की सुबह में जिम गया और ट्विशा ने घर पर ही योग किया। अम्मा (गिरिबाला सिंह) कोर्ट चली गई थीं और मैं भी अपने काम से बाहर चला गया।
दोपहर के बाद ट्विशा घर के नजदीक के पार्लर गई और शाम करीब 6 बजे वापस लौटी। इस दौरान मैं घर आ चुका था। कुछ देर बाद में ईको पार्क टहलने चला गया था। मेरे जाने के कुछ देर बाद ट्विशा भी वहां पहुंची, लेकिन हम दोनों एक दूसरे से मिल नहीं पाए। शाम 7 बजे एक ही पार्क से हम दोनों अलग-अलग रास्तों से घर लौटे।
नोएडा की रहने वाली ट्विशा की शादी दिसंबर 2025 में भोपाल की पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह के वकील बेटे समर्थ सिंह के साथ हुई थी। महज चंद माह बाद ही 12 मई 2026 की रात को ट्विशा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। ट्विशा अपने ससुराल के टेरेस पर फंदे से लटकी मिली थी। गिरिबाला और समर्थ सिंह रात को ही एम्स भोपाल लेकर पहुंचे, जहां ट्विशा को मृत घोषित कर दिया गया था।
इसके बाद मामला तब उलझा जब गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह पर सबूत नष्ट करने के आरोप लगे। आरोप है कि उन्होंने काफी समय न्यायिक अधिकारियों और पुलिस के बड़े अफसरों को फोन लगाकर मामला प्रभावित करने का प्रयास किया। ट्विशा के परिवार और ससुराल पक्ष के आरोप-प्रत्यारोप और लड़ाई में करीब 12 दिन तक ट्विशा का शव एम्स की मार्चुरी में रखा रहा था।