भोपाल

टि्वशा केस: जेल में गिरिबाला से मिलने पहुंचा बड़ा बेटा सिद्धार्थ, लेनी पड़ी इजाजत

Twisha Sharma Death Case: टि्वशा शर्मा केस में सीबीआई जांच लगातार जारी है। वहीं समर्थ और गिरिबाला सिंह से जेल में मिलने पहुंचा बड़ा बेटा सिद्धार्थ...

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Jun 04, 2026
Twisha Sharma Case Updates:
Twisha Sharma Case Updates: (Photo Source - Patrika)

Twisha Sharma Case Updates: एमपी के भोपाल शहर में सबसे चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह दोनों जेल में है। बेटे समर्थ सिंह का जेल में पहला दिन सामान्य कैदियों की तरह बीता। सीबीआई रिमांड पूरी होने के बाद दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भोपाल सेंट्रल जेल भेजा गया है। बता दें कि दोनों को मेडिकल वार्ड में शिफ्ट किया गया है। इस दौरान गिरिबाला सिंह के बड़े बेटे सिद्धार्थ उनसे मिलने जेल पहुंचे।

हालांकि प्रहरी ने जेल में अंदर जाने से रोक दिया। बता दें कि जेल में बंद विचाराधीन कैदी से मिलने के लिए भी पहले से इजाजत लेनी पड़ती है। अंदर से सूचना मिलने के बाद ही विचाराधीन कैदियों से मिलने दिया जाता है। बता दें कि सिद्धार्थ, समर्थ सिंह के बड़े भाई और गिरिबाला सिंह के बड़े बेटे हैं। वे वायुसेना में अधिकारी हैं।

मेडिकल वॉर्ड में हैं समर्थ और गिरिबाला

जेल में गिरिबाला सिंह को महिला वार्ड के चिकित्सा कक्ष में निगरानी के लिए रखा गया है, जबकि पैर में चोट लगने के कारण समर्थ सिंह को जेल के खंड-बी स्थित मेडिकल वार्ड में भर्ती किया गया है। सुबह दोनों को सामान्य बंदियों की तरह नमकीन, दलिया और चाय का नाश्ता दिया गया। सूत्रों के मुताबिक जेल में पहले दिन दोनों को सामान्य कैदियों की तरह भोजन दिया गया। रात के खाने में कढ़ी, पकौड़े और रोटियां शामिल थीं।

बुधवार सुबह नाश्ते में नमकीन, दलिया और चाय दी गई, जिसे दोनों ने सामान्य रूप से ग्रहण किया। जेल सूत्रों के अनुसार गिरिबाला सिंह ने खुद को किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित नहीं बताया है। मेडिकल जांच में उन्हें पूरी तरह फिट पाया गया है और फिलहाल कोई दवा नहीं चल रही है। वहीं समर्थ सिंह का मेडिकल चेकअप बुधवार को किया गया।

संयमित और सहयोगी भी दिखीं…

भोपाल सेंट्रल जेल अधिकारियों के मुताबिक कैदी नंबर 71 गिरिबाला का पहला दिन एकदम शांत माहौल में बीता। वे संयमित और सहयोगी भी दिखीं। मानसिक और शारीरिक रूप से भी उनकी स्थिति सामान्य पाई गई। बता दें कि जेल पहुंचने के बाद गिरिबाला की भी आम कैदी की तरह ही पहले मेडिकल जांच करवाई गई थी। इसके बाद विचाराधीन कैदियों के लिए निर्धारित बैरक में उन्हें रखा गया है।

काम नहीं आई जिद…..

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गिरिबाला द्वारा कार से जेल के अंदर जाने की अनुमति मांगने की जानकारी भी सामने आई है। वे कार से जेल के अंद जाना चाहती थी लेकिन उनकी एक नहीं चली। वहीं दूसरी ओर कोर्ट ने समर्थ सिंह की उस आपत्ति को खारिज कर दिया, जिसमें उसने आरोप लगाया था कि जबलपुर में सरेंडर के दौरान एडवोकेट अनुराग श्रीवास्तव ने उसके साथ मारपीट और गाली-गलौच की थी। कोर्ट ने कहा कि मामला जबलपुर का है, इसलिए यहां सुनवाई नहीं हो सकती।

Published on:
04 Jun 2026 01:07 pm