
Twisha Sharma Case: पिछले छह माह से जमानत के लगातार प्रयासों के बावजूद अब तक रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और उनके पुत्र समर्थ सिंह को जमानत नहीं मिली है। अब उनकी दिवाली जेल में ही मनेगी। भोपाल की जिला अदालत के बाद हाईकोर्ट से भी जमानत अर्जी निरस्त होने के बाद अब गिरिबाला सिंह ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। इससे पहले गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह के खिलाफ जो केस भोपाल की अदालत में चल रहा है, उसे भी दिल्ली शिफ्ट करने की प्रक्रिया चल रही है। 19 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो सकती है।
मॉडल और एक्ट्रेस टि्वशा शर्मा की 12 मई को संदिग्ध परिस्थितियों में भोपाल के कटारा हिल्स स्थित मकान की तीसरी मंजिल पर मौत हो गई थी। टि्वशा की मौत के बाद सास रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह ने कई लोगों को फोन लगाए थे, ऐसे आरोप हैं कि उन्होंने केस को प्रभावित करने की कोशिश की, वहीं उन्हें अग्रिम जमानत भी मिल गई थी। टि्वशा के पति वकील समर्थ सिंह फरार हो गया था, जिसने जबलपुर में सरेंडर किया था।
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के टि्वशा शर्मा केस में जेल में बंद पूर्व जज गिरिबाला और उनके पुत्र समर्थ सिंह को अब तक जमानत नहीं मिली है। पिछले 6 माह से सास गिरिबाला और पति समर्थ सिंह अब तक जेल में है। छह माह में जिला अदालत से लेकर जबलपुर हाईकोर्ट तक उन्होंने जमानत के कई आवेदन लगाए, लेकिन अब तक राहत नहीं मिली। पहले उम्मीद थी कि उन्हें जमानत मिल जाएगी, लेकिन अब दिवाली पर भी उन्हें जेल में ही रहना होगा।
पिछले 4 नवंबर को गिरिबाला सिंह की जमानत अर्जी निरस्त हो गई थी। न्याय मूर्ति अजय कुमार निरंकारी की एकलपीठ ने इस मामले की जांच जारी होने और अहम फोरेंसिक और डिजिटल साक्ष्य की रिपोर्ट लंबित होने की स्थिति में राहत देने से इनकार किया था। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में टि्वशा के मोबाइल से प्राप्त डिजिटल डेटा और सास गिरिबाला के घर के सीसीटीवी फुटेज की फोरेंसिक जांच रिपोर्ट का उल्लेख किया था। अदालत के मुताबिक इन रिपोर्टों से जांच में अहम तथ्य सामने आ सकते हैं। इसी मामले में सीबीआई की जांच भी चल रही है।
इधर, शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में इसी मामले की एक सुनवाई हुई, जिसमें भोपाल में चल रहे टि्वशा शर्मा केस के ट्रायल को दिल्ली शिफ्ट करने की मांग की गई। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ ने आरोपी गिरिबाला और समर्थ सिंह को याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए गए। दोनों आरोपियों की ओर से सीनियर अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे ने जवाब दाखिल करने के लिए वक्त मांगा है। इस कारण इसकी सुनवाई अगे बढ़ा दी गई।
टि्वशा के पिता नवनिधि शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर अपनी बेटी के केस का ट्रायल भोपाल की बजाय दिल्ली शिफ्ट करने की मांग की है।उनका कहना है कि गिरिबाला सिंह पूर्व डिस्ट्रिक्ट जज रह चुकी हैं और भोपाल में उनके प्रभाव के चलते निष्पक्ष सुनवाई प्रभावित हो सकती है। याचिका में गवाहों की सुरक्षा और निष्पक्ष ट्रायल को लेकर भी आशंका व्यक्त की गई है।
इस मामले पर सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाब दाखिल करते हुए भोपाल में चल रहे ट्रायल को एमपी से बाहर स्थानांतरित करने का समर्थन किया है। सीबीआई ने कहा है कि गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह भोपाल में प्रभावशाली हैं। ऐसे मेंगवाहों को प्रभावित करने और उन्हें डराने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। सीबीआई ने यह भी आरोप लगाया कि गिरिबाला सिंह ने घटनास्थल को अपने हिसाब से प्रभावित करने और सबूतों से छेड़छाड़ करने का प्रयास किया। उन्होंने अपने पद के कथित दुरुपयोग और हस्तक्षेप का भी जिक्र किया था।
इस मामले में भोपाल कोर्ट का ट्रायल 16 अक्टूबर को रुक गया था। टि्वशा के पिता की याचिका पर सुनवाई करते हुए भोपाल सेशन कोर्ट में चल रही ट्रायल कार्यवाही पर रोक लगा दी थी।