Twisha Sharma Case: भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने शनिवार को ट्विशा शर्मा मामले को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने कहा कि समर्थ को जबलपुर से गिरफ्तार किया गया है।
Twisha Sharma Case: मध्यप्रदेश के ट्विशा शर्मा मौत मामले में पति और मुख्य आरोपी समर्थ सिंह की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रहीं हैं। 22 मई शुक्रवार को एमपी हाईकोर्ट में दायर की गई अपनी अग्रिम जमानत याचिका को वापस लेने वाले पूर्व वकील समर्थ सिंह जबलपुर में सरेंडर करने पहुंचे थे। अब भोपाल पुलिस ने कहा है कि ट्विशा शर्मा के पति समर्थ सिंह ने सरेंडर नहीं किया बल्कि पुलिस ने उसे जबलपुर से गिरफ्तार किया है।' बता दें कि, पति समर्थ सिंह को आज शनिवार 23 मई को भोपाल जिला कोर्ट में पेश किया गया। ताजा जानकारी के अनुसार, कोर्ट ने भोपाल पुलिस की मांग पर समर्थ सिंह को रिमांड पर भेज दिया है।
भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने शनिवार को ट्विशा शर्मा मौत मामले (Twisha Sharma Case) को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। यहां उन्होंने एक सवाल का जवाब का देते हुए बताया कि ' हम कोर्ट से सात दिन की रिमांड मांगेंगे। उसे (समर्थ) काफी देर रात लाया गया था। कुछ प्रोसीजर में अभी भी समय लगता है। हम उससे आगे पूछताछ करेंगे और उसके बाद ही कुछ कह सकते हैं।
कमिश्नर ने आगे कहा कि ' रिमांड में लेने के बाद उससे डिटेल में पूछताछ होगी, अगर कुछ ऐसा सामने आता है कि किसी ने उसे पनाह दी थी, तो उनके खिलाफ भी एक्शन लिया जाएगा। संजय कुमार ने कहा कि 'हुआ यह कि वह जबलपुर कोर्ट में सरेंडर करने आया था, लेकिन कोर्ट ने उसे सरेंडर करने से मना कर दिया। मेरी टीम भी वहां थी। फिर मेरी टीम ने जबलपुर पुलिस टीम की मदद से उसे कस्टडी में ले लिया।' बता दें कि, कमिश्नर से पहले ACP रजनीश कश्यप ने कहा था कि हमारी टीम ने आरोपी समर्थ सिंह को जबलपुर से गिरफ्तार किया है।
इधर, ट्विशा मामले (Twisha Sharma Case) में जांच के क्रम में पुलिस ने सास गिरिबाला सिंह के आवास पर पहुंचकर हाई कोर्ट का नोटिस चस्पा किया था। कार्रवाई के दौरान इलाके में कुछ देर के लिए हड़कंप मच गया था। नोटिस देने के बाद जब पुलिस टीम मौके से रवाना हो रही थी, तभी एक पुलिस अधिकारी ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा कि, ये हाईकोर्ट का नोटिस है और इसपर आगे की विस्तृत जानकारी उनके वरिष्ठ अधिकारी देंगे। हालांकि, उस कार्रवाई के बाद से ही क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। पुलिस का कहना है कि, नोटिस से संबंधित सभी दस्तावेज रिकॉर्ड में शामिल कर लिए गए हैं। आगे की कार्रवाई कोर्ट के दिशा-निर्देशों के आधार पर होगी।
भोपाल पुलिस के तीन नोटिस भेजने वाले दावे को सास गिरिबाला सिंह के वकील एडवोकेट ज्ञानेंद्र शर्मा ने नकार दिया। उन्होनें मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि 'आधिकारिक तौर पर ऐसी कोई बात नहीं है।' मैं पुलिस का प्रवक्ता नहीं हो सकता। जब हमने अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया तो उसके खिलाफ कैंसलेशन फाइल किया गया था। चूंकि दूसरे पक्ष को सुने बिना कैंसलेशन को मंजूरी नहीं दी जा सकती इसलिए कोर्ट ने हमें पेश होने का नोटिस भेजा था। जाहिर है कि पुलिस ही वह नोटिस देने यहां आएगी।'